राजधानी दिल्ली पिछले 10 महीनों से कोविड-19 की चपेट में है और शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति या संस्था हो जिसके काम करने के तरीके पर महामारी की वजह से असर न पड़ा हो. दिल्ली में अदालतें भी कोविड 19 से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकीं. सुप्रीम कोर्ट से लेकर निचली अदालतों तक में मामलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही जारी रही, लेकिन अब दिल्ली हाइकोर्ट ने तय किया है कि अगले हफ्ते सोमवार (18 जनवरी) से उसके ज्यादातर जज कोर्ट रूम में ही मामलों की सुनवाई की शुरुआत करेंगे.
दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद जैसे पहले ज्यादातर मामलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो रही थी, अब वैसे ही फिजिकल हियरिंग से भी मामले सीधे कोर्ट रूम में सुने जाएंगे.
सितंबर में शुरू की गई थी कोशिश
पिछले साल सितंबर में भी दिल्ली हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के साथ-साथ कुछ एक बेंच फिजिकल हियरिंग के लिए भी शुरू कर दी, लेकिन कोर्ट अगले कुछ और महीनों में फिजिकल हियरिंग की बेंच बढ़ा पाता, उससे पहले ही दिल्ली में कोविड के मामलों में लगातार दोबारा बढ़ोतरी शुरू हो गई थी.
तब हालात इतने गंभीर हो गए थे कि नवंबर-दिसंबर के बीच में एक दिन में कोरोना के 10 हजार तक नए मामले सामने आने लगे. लेकिन अब हालात सामान्य हो रहे हैं. कोविड-19 के मामले राजधानी में लगातार कम हो रहे हैं, इसलिए दिल्ली हाईकोर्ट ने तय किया है कि 18 जनवरी से 11 बेंच मामलों की सुनवाई के लिए फिजिकल हियरिंग करेंगी.
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दिल्ली हाईकोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 18 जनवरी से लेकर 20 फरवरी तक दिल्ली हाईकोर्ट की 11 बेंच मामलों की सुनवाई कोर्ट रूम में ही करेगी, जैसे कोरोना से पहले सभी मामलों की सुनवाई होती थी. लेकिन साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली सुनवाई भी वैसे ही जारी रहेगी, जैसे अभी मामलों की सुनवाई के लिए चलती आ रही है.
18 जनवरी से ज्वाइंट रजिस्टर्ड कोर्ट में भी कामकाज पहले की तरह शुरू किया जाएगा और मामले की सुनवाई के दौरान गवाही रिकॉर्ड करने का सिलसिला भी शुरू होगा. हालांकि 18 जनवरी से 20 फरवरी तक के बीच जिन गैर आवश्यक मामलों की सुनवाई की तारीख पहले तय की गई थी, उन मामलों की सुनवाई मार्च और अप्रैल तक के लिए स्थगित रहेगी.