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MP: चार लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स और 2500 डीप फ्रीजर रेडी, कोरोना वैक्सीन की ऐसी है तैयारी

मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीन को लेकर सरकारी तैयारियां जोरों पर हैं. प्रदेश में 58 वैक्सीनेशन वैन और 2500 डीप फ्रीजर तैयार किए गए हैं ताकि लोगों तक आसानी से वैक्सीन पहुंचाई जा सके. इसके अलावा राज्य में शासकीय और निजी स्वास्थ्यकर्मियों को मिलाकर करीब 4 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स का डेटाबेस तैयार किया गया है.

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कोरोना वैक्सीन की तैयारी (फाइल फोटो-AP)
कोरोना वैक्सीन की तैयारी (फाइल फोटो-AP)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना वैक्सीन की सरकारी तैयारियां जोरों पर
  • MP में 58 वैन और 2500 डीप फ्रीजर तैयार
  • 4 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स का डेटाबेस तैयार है

मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीन को लेकर सरकारी तैयारियां जोरों पर हैं. प्रदेश में 58 वैक्सीनेशन वैन और 2500 डीप फ्रीजर तैयार किए गए हैं ताकि लोगों तक आसानी से वैक्सीन पहुंचाई जा सके. इसके अलावा राज्य में शासकीय और निजी स्वास्थ्यकर्मियों को मिलाकर करीब 4 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स का डेटाबेस तैयार किया गया है.

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'आजतक' ने जायजा लिया कि जिस वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार हो रहा है, उसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने क्या क्या तै​यारियां की हैं. 

वैक्सीन अभियान का कोड नाम STD

मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीन टीकाकरण अभियान के स्टेट कॉर्डिनेटर डॉक्टर संतोष शुक्ला ने 'आजतक' को बताया कि "एमपी में कोरोना वैक्सीन अभियान को STD कोड नाम दिया गया है. S यानि स्टोरेज, T यानि ट्रांसपोर्टेशन और D यानि डिस्ट्रीब्यूशन. इसके तहत प्रदेश में 58 वैक्सीनेशन वैन और 2500 डीप फ्रीजर तैयार किए गए हैं. कोरोना वैक्सीन के स्टोरेज के लिए मध्य प्रदेश के 4 बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के वैक्सीन स्टोर में खास तैयारियां की गई हैं." 

डॉ.संतोष शुक्ला, स्टेट कॉर्डिनेटर, टीकाकरण अभियान

डॉक्टर शुक्ला ने बताया, "प्रदेश में वैक्सीन आने के बाद संभाग स्तर पर उज्जैन, रीवा और सागर में बने वैक्सीन स्टोर पहुंचाई जाएगी. सभी संभाग में वैक्सीन पहुंचने के बाद उन्हें एक निश्चित तापमान पर, निश्चित दिन में निश्चित समय पर लोगों को लगाने के लिए भेजा जाएगा. फिलहाल पहले चरण में फ्रंटलाइन वर्कर्स यानी स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाया जाना तय हुआ है." 

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23 हजार लोगों को दी ट्रेनिंग

मध्य प्रदेश में शासकीय और निजी स्वास्थ्यकर्मियों को मिलाकर ऐसे करीब 4 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स का डेटाबेस तैयार हो गया है जिनके माध्यम से वैक्सीन लोगों तक पहुंचाई जाएगी. इसके अलावा जो लोग हाई रिस्क श्रेणी में आते हैं जैसे शुगर, हाइपरटेंशन, कैंसर और 65 साल से अधिक उम्र वाले मरीज, उनको जल्द वैक्सीन लगाने की योजना है. इसके लिए पूरे प्रदेश में करीब 23 हज़ार लोगों को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है."

'आजतक' से बात करते हुए स्टेट कोल्ड चेन ऑफिसर डॉक्टर विपिन श्रीवास्तव ने बताया कि "देश में दो तरह की वैक्सीन आने की संभावना है. पहली जो देश में ही निर्मित होगी और दूसरी जो विदेशों से आएगी. देश में बनी वैक्सीन के लिए हमने 2 से 8 डिग्री तक और विदेशों से आने वाली वैक्सीन के लिए -20 डिग्री तक के तापमान वाले डीप रेफ्रिजरेटर और वॉक इन रेफ्रिजरेटर तैयार कर लिए हैं."

वैक्सीन रखे जाने वाले रेफ्रिजरेटेड स्टोर

ट्रांसपोर्ट के लिए 58 रेफ्रिजरेटेड वैक्सीन वैन

डॉ. श्रीवास्तव ने कहा प्रशासन की ओर से बाकायदा इनके तापमान पर नजर रखी जाएगी. इन सब वैक्सीन स्टोर के रेफ्रिजरेटर को ऑनलाइन जोड़ा गया है जिससे एक ऑफिस से बैठकर इनपर निगाह रखी जा सके. इसके अलावा वैक्सीन स्टोर का जो मेंटेनेंस बकाया था उसे पूरा करवा लिया गया है. जनरेटर सेट भी जांच लिए गए हैं ताकि बिजली आपूर्ति निर्बाध रहे और वैक्सीन डैमेज ना हो.

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स्टेट वैक्सीन स्टोर

इसके अलावा प्रदेश में 58 रेफ्रिजरेटेड वैक्सीन वैन भी तैयार हैं जो एयरपोर्ट से लेकर वैक्सीन स्टोर तक और फिर यहां से संभाग स्तर तक वैक्सीन लेकर जाएंगी. वहां से कोल्ड बॉक्स के ज़रिए इन्हें गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा. टीकाकरण के लिए ज़िला अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय स्कूल/कॉलेज या फिर पंचायत भवन का चुनाव किया जाएगा.

वैक्सीन के लिए रेफ्रिजरेटेड वैन

भारत के लिए आसान होगा टीकाकरण

स्टेट कोल्ड चैन ऑफिसर डॉक्टर विपिन श्रीवास्तव के मुताबिक, "भारत के लिए वैक्सीन कार्यक्रम ज्यादा जटिल इसलिए नहीं होगा क्योंकि भारत में पहले से ही कई टीकाकरण अभियान चल रहे हैं और भारत को इनके ट्रांसपोर्टेशन से लेकर स्टोरेज तक का लंबा चौड़ा अनुभव है. इसीलिए जब भी कोरोना की वैक्सीन आएगी तो हमें नहीं लगता कि भारत में कहीं भी इस अभियान को लागू करने में किसी भी स्तर पर कोई कठिनाई होगी."


 

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