कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है. कई गांवों में डर का आलम यह है कि किसी एक ने भी वैक्सीन लेना तो दूर, कोरोना की दूसरी लहर के पिक के दौरान भी टेस्ट तक नहीं करवाया. इस बीच झारखंड के गुमला जिले से शासन-प्रशासन की बांछें खिला देने वाली तस्वीर सामने आई है. गुमला में कोरोना की वैक्सीन लगवाने निकली दो महिलाओं का रास्ता तेज बारिश भी नहीं रोक सकी.
जानकारी के मुताबिक गुमला जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर केरकी महुवाटोली गांव की 82 साल की परिबा देवी और 77 साल की बिरसो देवी कोरोना की वैक्सीन लगवाने लाठी के सहारे दो किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर वैक्सीनेशन बूथ पर पहुंचीं. परिबा और बिरसो देवी वैक्सीन की दूसरी डोज लेने पहुंची थीं. परिबा और बिरसा भारी बारिश के बीच छाता लेकर वैक्सीनेशन सेंटर पहुंचीं.
ऐसे समय में जब वैक्सीन को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है, दोनों ने महुआटोली गांव के कोरोना वैक्सीनेशन बूथ पहुंचकर वैक्सीन ली. कई लोगों ने महिलाओं की ओर से वैक्सीनेशन को लेकर दिखाए गए उत्साह की सराहना की है. इनको वैक्सीनेशन के रोल मॉडल की तरह देखा जा रहा है. दूसरी तरफ झारखंड से सटे बिहार में भी स्वास्थ्यकर्मी दुश्वारियों से जूझते हुए वैक्सीनेशन करने जा रहे हैं.
बक्सर जिले के डुमरांव अनुमंडल के पुरैना गांव में वैक्सीन लगाने के लिए कुछ महिला स्वास्थ्यकर्मी की पानी में घुसकर जाते हुए तस्वीर वायरल हो गई है. वायरल फोटो में ये साफ दिख रहा है कि दो महिलाएं हाथ में वैक्सीनेशन किट लेकर घुटने तक पानी को पार कर गिरते-पड़ते आगे बढ़ती जा रही हैं. इस संबंध में प्रमिला देवी ने बताया कि उस गांव में टीका लगाना जरूरी था ऐसे में हम लोग पानी और कीचड़ से भरे रास्ते को पार करके पुरैना गांव में गए और टीकाकरण किया.
बाढ़ग्रस्त इलाकों में भी पहुंच रहे स्वास्थ्यकर्मी
बक्सर के जिलाधिकारी अमन सरीन ने कहा कि वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाने के लिए प्रशासन की ओर से पुरजोर कोशिश की जा रही है. जिले की बाढ़ग्रस्त 23 पंचायतों में भी वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है.