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लखनऊ: बंद होने लगे ऑक्सीजन प्लांट, 5,000 से घटकर अब 300 सिलेंडरों की ही जरूरत

लखनऊ का मुरारी ऑक्सीजन गैस प्लांट 50 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों में दिन-रात ऑक्सीजन की आपूर्ति करता था. लेकिन अब करोना संक्रमण कम होने के बाद इन्होने लखनऊ के नादरगंज में स्थित अपने एक ऑक्सीजन प्लांट को पूरी तरह से बंद कर दिया है.

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लखनऊ स्थित मुरारी ऑक्सीजन प्लांट
लखनऊ स्थित मुरारी ऑक्सीजन प्लांट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की थी भारी मांग
  • कोरोना मामले घटने से मांग में आई कमी
  • मांग न होने के कारण बंद करने पड़ रहे ऑक्सीजन प्लांट

लखनऊ में कोरोना संक्रमण कम होने से ऑक्सीजन प्लांट बंद होने लगे हैं, इसी कड़ी में लखनऊ की मुरारी गैस एजेंसी ने अपना एक ऑक्सीजन प्लांट बंद कर दिया है. उसकी ऑक्सीजन की सप्लाई भी 2000 से घटकर 300 सिलेंडर पहुंच गई है.

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जानकारी के मुताबिक मुरारी ऑक्सीजन गैस प्लांट 50 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों में दिन-रात ऑक्सीजन की आपूर्ति करता था. लेकिन अब करोना संक्रमण कम होने के बाद इन्होने लखनऊ के नादरगंज में स्थित अपने एक ऑक्सीजन प्लांट को पूरी तरह से बंद कर दिया है.

कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने पर, अप्रैल महीने में रोजाना करीब 11000 सिलेंडर की डिमांड हुआ करती थी, जिसमें से मुरारी गैस एजेंसी के दोनों प्लांट कुल मिलाकर करीब 2200 सिलेंडर सप्लाई कर पाते थे. लेकिन मई महीन में ऑक्सीजन की सप्लाई 1200 सिलेंडर पर आ गई, आलम यह है कि जून में सिलेंडर की सप्लाई मात्र 300 से 400 तक पहुंच गई है. इसकी वजह से मुरारी गैस प्लांट को अपना एक ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह बंद करना पड़ा है.

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हालांकि राहत की बात है ये है कि कोरोना संक्रमण कम हो गया है, लेकिन ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से कई मजदूर सहित प्लांट मालिक को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है.

मुरारी गैस एजेंसी के मैनेजर अभिषेक शुक्ला के मुताबिक ''जब ऑक्सीजन की दिक्कत थी तो 24 घंटे उत्पादन किया जा रहा था और हमारे कर्मचारी काम कर रहे थे. प्रतिदिन 5000 सिलेंडर की मांग होती थी, लेकिन हम 2200 सिलेंडर सप्लाई कर पाते थे. आलम यह है कि कि आज 11 मई को मात्र 300 सिलेंडर सप्लाई का ही आर्डर मिला था, जिसमें मियो हॉस्पिटल नोवा हॉस्पिटल, चरक हॉस्पिटल, रीजेंसी हॉस्पिटल, एरा हॉस्पिटल सहित 50 हॉस्पिटल हमारे पास ऑक्सीजन सप्लाई के लिए होते थे. लेकिन आज हालात यह है कि हमें अपना एक ऑक्सीजन प्लांट कम डिमांड की वजह से बंद करना पड़ा है और अपने कर्मचारियों को भी हटाना पड़ा है. अभी एक ऑक्सीजन प्लांट चल रहा है, जिससे 350- 400 सिलेंडर की सप्लाई कर पा रहे हैं.

 

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