कोरोना की दिल दहला देने वाली बातों के बीच एक अच्छी खबर मुंबई से है. ठाणे की एक 75 साल की बुजुर्ग महिला शैलजा नकवे कोरोना संक्रमित हो गई थीं, फेफड़ों में इंफेक्शन फैल गया था. डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था, फिर भी अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति के दम पर उन्होंने मौत को भी मात दे दी. अब महाराष्ट्र ही नहीं पूरे देश में उनकी दास्तान चर्चा में है. दरअसल शैलजा नकवे को कोरोना संक्रमण के बाद हालात बिगड़ने पर परिवार वालों ने घाटकोपर के सोनाग्रा मेडिकल एंड सर्जिकल सेंटर में भर्ती करवाया दिया था. वे डायबिटिज की मरीज थीं, तेज बुखार था और उनका ऑक्सीजन लेवल 69 फीसदी तक पहुंच गया था. उनका CT स्कोर 25/25 हो गया था. ये सबसे गंभीर स्थिति मानी जाती है. डॉक्टरों ने उन्हें रेमडेसिविर और दूसरी एंटी बायोटिक्स दी थी. शैलजा नकवे की बिगड़ती हालत देखते हुए डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे. साफ कह दिया था कि ये ज्यादा से ज्यादा 24 घंटे ही जिंदा रह सकती हैं.