बिहार की राजधानी पटना के पटेल नगर इलाके के रहने वाले योगेश कुमार इन दिनों काफी चर्चा में हैं. योगेश कुमार वैसे तो एक खिलाड़ी है, मगर बचपन से ही इंजीनियरिंग का का शौक रहा है और शायद इसीलिए जब मौका मिलता है, तो जुगाड़ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर कुछ कुछ चीजें बनाते रहते हैं.
दरअसल, कोविड-19 काल के दौरान योगेश कुमार के कुछ ऐसे जुगाड़ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है जिससे उन्होंने अपने परिवार समेत उन सभी को संक्रमण से बचाने के उपाय निकाले हैं जो उनके अपार्टमेंट में रहते हैं.
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पहले चरण में जैसे ही कोई व्यक्ति इस अपार्टमेंट में आता है तो हाथ धोने के लिए जुगाड़ टेक्नोलॉजी की नल बनाई गई है. बिना नल को छुए यह आने वाला व्यक्ति अपना हाथ धो सकता है.
सेनिटाइजिंग मशीन
दूसरे चरण में अपार्टमेंट पर आने वाले व्यक्ति अगर सब्जी की खरीदारी कर आया है, तो अपार्टमेंट के बाहर ही एक जुगाड़ टेक्नोलॉजी से सेनिटाइजिंग मशीन लगाई गई है. 20 लीटर के पेंट के डिब्बे को काटकर इस सेनिटाइजिंग मशीन बनाया गया है, जिसमें पानी, फिटकरी, सिरका और नमक मिला होता है.

इस डब्बे के अंदर सब्जियों को डाल कर थोड़ी देर घुमाया जाए तो सब्जियां और फल भी सेनिटाइज हो जाती है. तीसरे चरण में योगेश कुमार ने सारे वैसे सेंटनल बनाया है जहां पर घर में घुसने से पहले व्यक्ति पूरी तरीके से संक्रमण मुक्त हो जाता है.
यूवी रेडिएशन
चौथे चरण में अपार्टमेंट के नीचे सेनिटाइजेशन बॉक्स बनाया गया है जिसके अंदर यूवी रेडिएशन निकलता है. बहुत सारी खाने पीने की चीज है, ऐसी होती है जो पैकेट में होती है और उन्हें धोया नहीं जा सकता है. इसी वजह से इन सब सामग्रियों को इस यूवी बॉक्स में डालकर उन्हें संक्रमण मुक्त किया जाता है.
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इसके बाद पांचवें चरण में जब आप योगेश कुमार के घर के दरवाजे पर पहुंचेंगे तो वहां पर शरीर का तापमान नापने के लिए एक जुगाड़ टेक्नोलॉजी की मशीन लगाई गई है. अगर व्यक्ति का पारा नॉर्मल से ज्यादा है तो यह मशीन बजने लगता है यानी कि इस घर के अंदर उस आदमी की एंट्री बंद. योगेश कुमार ने इन सभी जुगाड़ टेक्नोलॉजी के मशीन को बनाने में सेंसर का इस्तेमाल किया है.
टोपी में सेंसर लगाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार कहा है कि कोविड-19 महामारी से बचाव का सबसे अचूक तरीका है सामाजिक दूरी बनाना. ऐसे में योगेश कुमार ने एक टोपी भी बनाई है जिसके ऊपर सेंसर लगा हुआ है. इस टोपी को पहनने के बाद जो भी व्यक्ति 1 मीटर के दायरे के अंदर आता है तो यह सेंसर बजने लगता है, यानी कि खतरा है.

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योगेश कुमार बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही घर में पड़ी बेकार चीजों का इस्तेमाल कर जुगाड़ टेक्नोलॉजी से कुछ उपयोगी यंत्र बनाने का शौक है. योगेश कुमार भारत सरकार के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक दफ्तर में कार्य करते हैं.