देश में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है. मामले अब रोज एक लाख के पार चल रहे हैं. कई राज्यों में भी ताबड़तोड़ मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. लेकिन कोरोना के सबसे बड़े हॉटस्पॉट बने हैं देश के दो महानगर- दिल्ली और मुंबई. पिछले कई दिनों से दिल्ली और मुंबई के बीच में ही रेस चल रही है.
मुंबई का कोरोना मीटर पड़ा थोड़ा धीमा
अब इस रेस में कुछ समय के लिए मुंबई की हार एक बड़ी राहत के तौर पर देखी जा रही है. मुंबई में पिछले दो दिनों से लगातार मामले कम होते दिख रहे हैं. पिछले 24 घंटे में मुंबई में कोरोना के 13648 मामले सामने आए हैं. अब ये पिछले दिनों की तुलना में बड़ी गिरावट माना जा रहा है. आंकड़े भी बताते हैं कि पिछले तीन दिनों से लगातार मुंबई का कोरोना ग्राफ नीचे की तरफ गया है.
09 जनवरी -13648
08 जनवरी- 20318
07 जनवरी- 20971
06 जनवरी- 20181
05 जनवरी- 15166
04 जनवरी- 10860
03 जनवरी- 8082
02 जनवरी- 8063
01 जनवरी- 6347
दिल्ली में स्थिति बेकाबू
अब ऐसे में मुंबई का ये डाउनवर्ड ट्रेंड राहत दे सकता है. लेकिन दिल्ली के साथ ऐसा होता नहीं दिख रहा है. मामले तो वहां भी कुछ कम हुए हैं, लेकिन संक्रमण दर में भारी इजाफा हो गया है. इस समय दिल्ली का पॉजिटिविटी रेट 25 प्रतिशत पर पहुंच गया है. टेस्ट करवाने वाला हर चौथा शख्स कोरोना का शिकार बन रहा है. पिछले 24 घंटे की बात करें तो राजधानी में कोरोना के 19166 नए मामले सामने आए हैं, वहीं 17 लोगों ने अपनी जान भी गंवाई.
लेकिन दिल्ली को लेकर कहा जा रहा है कि जनवरी के अंतर तक स्थिति भयंकर हो सकती है. तब राजधानी में कोरोना अपनी पीक पर हो सकता है और रोज के मामले 50 से 60 हजार तक टच कर सकते हैं. अब ये प्रिडिक्शन कानपुर के प्रोफेसर मणिंद्र अग्रवाल ने सूत्र मॉडल के आधार पर की है. ऐसे में दिल्ली को अभी कोरोना से राहत नहीं मिलने वाली है और अगले पांच दिन सबसे ज्यादा अहम माने जा रहे हैं.
बंगाल में कोरोना विस्फोट
अब दिल्ली में चिंता, मुंबई में राहत तो पश्चिम बंगाल में कोरोना स्थिति विस्फोटक बन चुकी है. वहां पर संक्रमण दर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. अभी बंगाल का पॉजिटिविटी रेट 37.32 प्रतिशत चल रहा है. वहीं पिछले 24 घंटे में कोरोना के 19, 286 मामले सामने आए हैं. अब एक बार के लिए कहा जा सकता है कि बंगाल में रविवार की तुलना में मामले कम आए हैं. लेकिन पूरे आंकड़े कुछ अलग ही कहानी बयां करते हैं.
दरअसल बंगाल में रविवार को कोरोना के 24,287 मामले सामने आए थे लेकिन तब राज्य में कुल 71,664 लोगों का कोविड टेस्ट किया गया था. वहीं जब सोमवार को कोरोना के 19, 286 मामले सामने आए तो राज्य में सिर्फ 51,675 टेस्ट किए गए. ऐसे में स्थिति पहले से और ज्यादा बुरी दिखाई पड़ रही है.
कर्नाटक की तरफ चलें तो वहां भी कोरोना अब बेलगाम हो चुका है. पिछले 24 घंटे के अंदर कर्नाटक में कोरोना के 11,698 मामले दर्ज हुए हैं. इनमें 9,221 केस तो बेंगलुरु में ही मिले हैं. सोमवार को राज्य में पॉजिटिविटी रेट 7.77% दर्ज की गई.
हिमाचल के आंकड़ों ने डराया
इन राज्यों के अलावा हिमाचल प्रदेश ने भी कोरोना के मामले में रफ्तार पकड़ ली है. वहां एक ही दिन में मामले तीन गुना तक बढ़ चुके हैं. आंकड़ों के मुताबिक रविवार को हिमाचल में कोरोना के सिर्फ 361 मरीज थे, जो सोमवार को बढ़कर 1,123 पर पहुंच गए. हरियाणा में भी स्थिति अब चिंता बढ़ाने लगी है. हरियाणा में 24 घंटे में कोरोना के 5736 नए मामले आए हैं. पांच लोगों ने अपनी जान भी गंवा दी है. इस सयम एक्टिव केस 22 हजार 477 हो गए हैं.
ऐसे में कुछ राज्यों में कोरोना केसेस में मामूली गिरावट देखने को मिली है, लेकिन पीक आना अभी बाकी. एक्सपर्ट मान रहे हैं कि आने वाले पांच दिन देश के लिए काफी अहम रहने वाले हैं. खासकर दिल्ली और मुंबई में कोरोना अपने चरम पर पहुंच सकता है.