सर्दी शुरु हुई नहीं कि कोरोना तेजी से फैलने लगा. ऐसे में बचाव के तमाम उपायों के बीच बड़ा सवाल ये है कि कोरोना की वैक्सीन कब तक आएगी. भारत में राहत की खबर भारत बायोटेक की तरफ से आ रही है जो कोवैक्सीन नाम से वैक्सीन ला रही है.
भारत बायोटेक ने तीसरे चरण का ट्रायल शुरु कर दिया है. इसमें भारत के 25 केंद्रों पर 26 हजार वॉलन्टियर्स पर ट्रायल होगा. ये ट्रायल इंडियन कैंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर की साझीदारी में हो रहा है. इन वॉलन्टियर्स को अगले साल तक निगरानी में रखा जाएगा, और वैक्सीन के प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा. भारत में ये कोविड 19 वैक्सीन के लिए सबसे बड़ा क्लिनिकल ट्रायल है.
रूस की स्पुतनिक-वी वैक्सीन के ह्युमन ट्रायल के लिए भी भारतीय कंपनी जुड़ चुकी है. फॉर्मा कंपनी डॉक्टर रेड्डी को इसके लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की इजाजत मिल चुकी है. इसके लिए कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज वैक्सीन का दूसरे और तीसरे दौर का ह्यूमन ट्रायल करेगा.
इस ट्रायल के लिए 180 से ज्यादा वॉलंटियर्स की सूची तैयार कर ली गई है. इन सभी को 7 महीने तक निगरानी में रखा जाएगा. दोनों कंपनियों के बीच जो करार हुआ है, उसके मुताबिक डॉक्टर रेड्डी लैब को वैक्सीन की दस करोड़ डोज मिलेगी.
भारत में नोवामैक्स वैक्सीन का भी उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट कर रहा है. इस वैक्सीन की भी टेस्टिंग हो रही है.