भारत में कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं. पिछले दो दिनों में 6000 उन लोगों का कोविड टेस्ट किया गया है, जो विदेश से आए थे. आंकड़े बताते हैं कि उन 6000 में से अब तक 39 संक्रमित निकले हैं. उनके सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेज दिया गया है. इस समय देश में BF7 वैरिएंट के 4 मामले सामने आए हैं. ऐसे में जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए समझने का प्रयास रहेगा कि ये वैरिएंट कितनी तेजी से फैल रहा है.
इस समय देश में कोरोना को लेकर सरकार सतर्क हो गई है. लगातार बैठकों का दौर जारी है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भी राज्यों को निर्देश दिए जा चुके हैं. एक्सपर्ट भी मान रहे हैं कि अगले साल जनवरी में कोरोना के मामले फिर बढ़ सकते हैं, ऐसे में स्थिति ज्यादा ना बिगड़े, इसलिए अभी से हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. हाल ही में पूरे देश में मॉक ड्रिल की गई थी, कोरोना की स्थिति का बारीकी से जायजा हुआ था.
ये सब तैयारी इसलिए की जा रही है क्योंकि चीन में कोरोना के BF7 वैरिएंट ने तबाही मचा दी है. वहां पर रिकॉर्ड मामले तो सामने आ रही रहे हैं, स्वास्थ्य सेवाएं भी जवाब दे गई हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि श्मशान घाटों पर लंबी वेटिंग लगी है, अस्पतालों में मरीजों को बेड नहीं मिल रहे हैं और जरूरी दवाइयों की कमी हो गई है. अब ऐसी स्थिति भारत में ना हो, इसलिए पहले से हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है.
कुछ दिन पहले आजतक से बात करते हुए AIIMS के पूर्व निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा था कि देश में कोरोना के BF7 वैरिएंट से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा था कि भारत को इस नए वैरिएंट से डरने की जरूरत नहीं है. लोगों को किसी भी तरह का पैनिक नहीं दिखाना है. सिर्फ सावधानी बरतने की जरूरत है. कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन हो, ये जरूरी है. भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें, बाहर जाते समय मास्क लगाकर रखें. यहां ये समझना भी जरूरी है कि भारत में पिछले एक साल में जो भी सब वैरिएंट आए हैं, वो सभी ओमिक्रॉन से ही जुडे़ हुए हैं. और भारत में ओमिक्रॉन वैरिएंट के पहले से मामले आ रहे हैं और कई लोग इससे संक्रमित भी हो चुके हैं. ऐसे में भारत में लोगों की ओमिक्रॉन के खिलाफ इम्युनिटी मजबूत है. इसलिए स्थिति गंभीर बनेगी, ऐसा नहीं लगता.