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देश में कोरोना के नए वैरिएंट के 109 मरीज, सबसे ज्यादा गुजरात में 36 केस, जानें- क्या है दूसरे राज्यों का हाल

कोविड-19 के सब-वैरिएंट JN.1 के 40 नए केस दर्ज किए गए है. 26 दिसंबर तक देशभर में नए वैरिएंट के केसों की संख्या बढ़कर 109 हो गई थी. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में कहा गया है कि गुजरात में 36, कर्नाटक में 34 और गोवा में 14

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देशभर में कोविड के नए वैरिएंट JN.1 के केस बढ़ते जा रहे हैं
देशभर में कोविड के नए वैरिएंट JN.1 के केस बढ़ते जा रहे हैं

देश में कोविड के केस तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 529 नए मामले दर्ज किए गए हैं. अब देशभर में में एक्टिव मरीजों की संख्या 4,093 हो गई है. मंत्रालय के सुबह 8 बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार 24 घंटे में कोरोना के तीन मरीजों की मौत हुई है. इसमें दो मरीज कर्नाटक और एक मरीज गुजरात से हैं.

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इस बीच कोविड-19 के सब-वैरिएंट JN.1 के 40 नए केस दर्ज किए गए है. बता दें कि 26 दिसंबर तक देशभर में नए वैरिएंट के केसों की संख्या बढ़कर 109 हो गई थी. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में कहा गया है कि गुजरात में 36, कर्नाटक में 34 और गोवा में 14, महाराष्ट्र में 9, केरल में 6, राजस्थान और तमिलनाडु में 4-4 और तेलंगाना में नए वैरिएंट के 2 केस सामने आए हैं. सब-वैरिएंट के ज्यादातर मरीज फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं.

वर्ल्ड लेवल पर पहली बार पहचान कब हुई?

 JN.1 सब-वैरिएंट की पहली बार पहचान अगस्त में की गई थी. यह ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट BA.2.86 से बना है. 2022 की शुरुआत में BA.2.86 ही कोरोना के मामलों में वृद्धि का कारण था. BA.2.86 व्यापक रूप से नहीं फैला था, लेकिन इसने विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया था क्योंकि BA.2.86 के स्पाइक प्रोटीन पर अतिरिक्त म्यूटेशन हुए थे और उसी तरह JN.1 के स्पाइक प्रोटीन में भी एक अतिरिक्त म्यूटेशन है. 

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देश में JN.1 का पहला केस कब मिला था?

भारत में JN.1 सब-वैरिएंट से संक्रमित होने का पहला मामला 8 दिसंबर को केरल में पाया गया था. जेएन.1 वैरिएंट 41 देशों में फैल चुका है. WHO के अनुसार, जेएन.1 सब-वैरिएंट के सबसे अधिक मामले फ्रांस, संयुक्त राज्य अमेरिका, सिंगापुर, कनाडा, ब्रिटेन और स्वीडन में सबसे अधिक हैं.

मजबूत इम्यूनिटी वाले को भी ले सकता है चपेट में

विशेषज्ञों का कहना है कि विश्व स्तर पर मामलों में बढ़ोतरी से पता चलता है कि जेएन.1 - एक ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट है जो मजबूत इम्यूनिटी वालों को भी आसानी से संक्रमित कर सकता है. यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) ने इसे यूएस में सबसे तेजी से बढ़ने वाला वैरिएंट बताया दिया है.

कितना खतरनाक है कोविड का नया वैरिएंट JN.1?

जेएन.1 सब-वैरिएंट के बारे में कहा जा रहा है कि यह काफी तेजी से फैलता तो है लेकिन इससे फैलना वाला संक्रमण काफी हल्का है. WHO की पूर्व साइंटिस्ट और ICMR की पूर्व डायरेक्टर जनरल डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा था कि जेएन.1 कितना गंभीर है, इस बारे में जानकारी के लिए अभी हमारे पास पर्याप्त डेटा नहीं है. हमें चिंता की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहने की जरूरत है. वहीं हम यह भी नहीं कह सकते कि यह निमोनिया या मृत्यु का भी कारण बन सकता है.

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