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क्या स्पोर्ट्स इवेंट बनेंगे कोरोना की तीसरी लहर का कारण? WHO एक्सपर्ट से जानिए

WHO की टेक्निकल लीड Maria Van Kerkhove ने खास बातचीत में बताया कि कोई भी बड़ा इवेंट सुपर स्प्रेडर बन सकता है.

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क्या स्पोर्ट्स इवेंट बनेंगे कोरोना की तीसरी लहर का कारण?
क्या स्पोर्ट्स इवेंट बनेंगे कोरोना की तीसरी लहर का कारण?
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तीसरी लहर को लेकर अहम जानकारी
  • डेल्टा वेरिएंट बताया गया ज्यादा संक्रामक
  • टीकाकरण की कम रफ्तार चिंता का विषय

पूरी दुनिया में कोरोना का कहर जारी है. कुछ देशों में मामलों में कमी जरूर शुरू हुई है, लेकिन कई ऐसे भी देश हैं जहां पर एक बार फिर कोरोना पैर पसार रहा है. ब्रिटेन भी कोरोना के बढ़ते मामलों से चिंता में है. कोरोना का डेल्टा वेरिएंट भी स्थिति को बद से बदतर कर रहा है. इस बीच पूरी दुनिया यूरो कप का लुत्फ उठा रही है, कुछ समय बाद टी20 वर्ल्ड कप भी शुरू होने जा रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या कोरोना की तीसरी लहर के लिए स्पोर्ट्स इवेंट जिम्मेदार हो सकते हैं?

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अब इंडिया टुडे/ आजतक ने इस सिलसिले में WHO की टेक्निकल लीड Maria Van Kerkhove  से खास बातचीत की. उनकी तरफ से जोर देकर कहा गया है कि कोई भी बड़ा इवेंट सुपर स्प्रेडर बन सकता है. उन्होंने सिर्फ स्पोर्ट्स को इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना है. उनकी नजरों में लोगों का सड़क पर घूमना, ठीक तरीके से मास्क नहीं लगाना, सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं होना, ये तमाम वजह कोरोना को दोबारा मजबूत कर सकती हैं.

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डेल्टा वेरिएंट ज्यादा संक्रामक

WHO एक्सपर्ट की तरफ से डेल्टा वेरिएंट को लेकर भी चिंता जाहिर की गई है. कहा गया है कि ये पहले की तुलना में ज्यादा संक्रामक है और  तेजी से फैलता है. ऐसे में अगर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया तो कोरोना लगातार फैलता रहेगा. वहीं इस बात पर भी जोर दिया गया कि कोरोना के 'सीजनल' होने के अब तक कोई प्रमाण नहीं मिले हैं. ऐसे में सिर्फ और सिर्फ सावधानी के जरिए ही इस वायरस से बचा जा सकता है. उनकी नजरों में वायरस लगातार अपना स्वरूप बदल रहा है, ऐसे में किसी को नहीं पता कि कितनी वेव आ सकती हैं, कितनी पीक आ सकती हैं.

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टीकाकरण की कम रफ्तार चिंता का विषय

अभी दुनिया में टीकाकरण का काम भी ज्यादा तेज नहीं हुआ है. आंकड़ों के लिहाज से जरूर कहा जा रहा है कि करोड़ों लोगों को टीका लग चुका है, लेकिन अभी भी कई लोग इस वायरस का शिकार बन सकते हैं. Maria Van भी वैक्सीन को कोरोना के खिलाफ कारगर हथियार मानती हैं, लेकिन टीकाकरण की धीमी गति चिंता बढ़ाने वाली बात है. वहीं वे अकेले वैक्सीन पर निर्भरता को भी ठीक नहीं मानती हैं. उनके मुताबिक वैक्सीन के जरिए सिर्फ खतरे को कम किया जा सकता है, खत्म नहीं. ऐसे में कोरोना टेस्टिंग, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार काम करना जरूरी है.

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