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भारत में होगा रूस की कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल: स्वास्थ्य मंत्रालय

नीति आयोग्य के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा कि रूस की सरकार ने भारत सरकार से संपर्क किया और वैक्सीन बनाने में मदद मांगी. रूस ने पूछा कि क्या तीसरे चरण का ट्रायल भारत में कराया जा सकता है.   

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भारत में होगा रूस की वैक्सीन का ट्रायल (फाइल फोटो)
भारत में होगा रूस की वैक्सीन का ट्रायल (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत में होगा रूस की वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल
  • स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई जानकारी
  • वैक्सीन का ट्रायल भारतीय वॉलिंटियर्स पर होगा

रूस की कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल भारत में होगा. इस बात की जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीति आयोग्य के सदस्य डॉ वीके पॉल ने दी. उन्होंने कहा कि रूस की सरकार ने भारत सरकार से संपर्क किया और वैक्सीन बनाने में मदद मांगी. रूस ने पूछा कि क्या तीसरे चरण का ट्रायल भारत में कराया जा सकता है.   

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डॉ वीके पॉल ने कहा कि रूस हमारा विशेष दोस्त है. ये भारत और दुनिया दोनों के लिए बड़ी जीत है. भारत सरकार रूस के इस प्रस्ताव को बहुत महत्व देती है. रूस की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल भारतीय वॉलिंटियर्स पर होगा. 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या कहा

वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना वायरस से ठीक होने वाली मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और मृत्यु दर में कमी देखने को मिल रही है. स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश के कुल सक्रिय मामलों के 62 फीसदी मामले पांच राज्यों में हैं.  

राजेश भूषण ने कहा कि कोरोना के मरीजों के ठीक होने की दर लगातार बढ़ रही है. देश में आठ लाख 83 हजार सक्रिय मामले हैं तो 33 लाख 23 हजार लोग ठीक हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि कहा कि देश में प्रति 10 लाख की जनसंख्या पर 53 मौतें दर्ज की गई हैं. जिन देशों से हमारी तुलना की जाती है वहां प्रति 10 लाख की जनसंख्या का आंकड़ा 500 से 600 तक है. 

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उन्होंने कहा कि अगस्त में भारत में कोरोना मृत्यु दर 2.15 फीसदी थी जो अब 1.70 फीसदी रह गई है. देश में पांच राज्य ऐसे हैं जिनमें देश के कुल सक्रिय मामलों के 62 फीसदी मामले हैं. देशभर के कुल सक्रिय मामलों में से महाराष्ट्र में 27 फीसदी, आंध्र प्रदेश में 11 फीसदी, कर्नाटक में 10.98 फीसदी, उत्तर प्रदेश में लगभग सात फीसदी और तमिलनाडु में लगभग छह फीसदी मामले हैं. 


 


 

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