दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर की जा रही तैयारियों को लेकर आज शुक्रवार को उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल के साथ बैठक की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर दिल्ली सरकार के एक्शन प्लान और रोडमैप पर एलजी से विस्तार से चर्चा की.
दिल्ली सरकार द्वारा बैठक में गठित स्टेट लेवल टास्ट फोर्स, स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या में इजाफा करने और बच्चों के इलाज के लिए बाल चिकित्सा टास्क फोर्स पर मुख्य रूप से चर्चा हुई. साथ ही, मुख्यमंत्री ने पीएसए ऑक्सीजन प्लांट, क्रायोजेनिक बॉटलिंग प्लांट, एमएलओ स्टोरेज प्लांट, अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड प्रबंधन, दवाओं की व्यवस्था और वैक्सीनेशन को लेकर एलजी को जानकारी दी.
केजरीवाल ने एलजी को बताया कि दिल्ली सरकार संभावित तीसरी लहर के दौरान कम से कम 37 हजार और अधिकतम 45 हजार केस प्रतिदिन आने की संभावना के आधार पर अपनी तैयारी कर रही.
दिल्ली सरकार की तैयारियों का पूरा खाका
सबसे पहले, बैठक में एक प्रजेंटेशन के जरिए दिल्ली सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों का पूरा खाका एलजी के समक्ष पेश किया गया. बैठक में मुख्यमंत्री ने एलजी के साथ मुख्य रूप से स्टेट लेवल टास्ट फोर्स, स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या में इजाफा करने और बच्चों के इलाज के लिए बाल चिकित्सा टास्क फोर्स के संबंध में चर्चा की. अगर तीसरी लहर आती है और ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है, तो उसके लिए दिल्ली कितनी तैयार है?
इसको लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में स्थापित हो चुके और आने वाले कुछ दिनों में स्थापित होने जाने वाले पीएसए ऑक्सीजन प्लांट के साथ क्रायोजेनिक बॉटलिंग प्लांट, एमएलओ स्टोरेज प्लांट की उपराज्यपाल को विस्तार से जानकारी दी.
अरविंद केजरीवाल ने एलजी को अवगत कराया कि संभावित तीसरी लहर की सबसे खराब स्थिति और समान्य स्थिति के अधार पर बेड प्रबंधन समेत अन्य तैयारियां की जा रही हैं. विशेषज्ञों का आंकलन है कि अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है, तो दिल्ली में समान्य स्थिति के दौरान करीब 37 हजार केस प्रतिदिन आ सकते हैं, जबकि इसका प्रकोप बहुत ज्यादा होता है, तो करीब 45 हजार केस प्रतिदिन आ सकते हैं. इसलिए दिल्ली सरकार बेड आदि के प्रबंधन की तैयारी सामान्य और सबसे खराब स्थिति को ध्यान में रखते हुए कर रही है.
युद्ध स्तर पर कर रहे तैयारीः केजरीवाल
अगर कोरोना की संभावित तीसरी लहर आती है और दिल्ली में स्थिति काफी खराब होती है, तो उस दौरान कितने ऑक्सीजन बेड और आइसीयू बेड की जरूरत पड़ेगी, उसके लिए दिल्ली सरकार लगातार काम कर रही है. इसी के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और इसे मजबूत करने के लिए कमेटी बनाई है. यह कमेटी अपना कार्य कर रही है.
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मुख्यमंत्री ने एलजी को बताया कि हम संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर अपनी तैयारी युद्ध स्तर पर कर रहे हैं और इसको लेकर अलर्ट हैं. केंद्र सरकार द्वारा जैसे ही कोरोना के नए स्ट्रेन के आने की जानकारी हमें दी जाएगी, उसी दौरान हम अपने एक्शन प्लान को सक्रिय कर देंगे.
दिल्ली में अभी तक 64.69 मीट्रिक टन क्षमता के 64 पीएसए प्लांट और 29.77 मीट्रिक टन क्षमता के 32 पीएसए प्लांट चालू किए जा चुके हैं. 5.7 मीट्रिक टन क्षमता के 7 और पीएसए प्लांट 30 जून 2021 तक चालू हो जाएंगे. इसी तरह, 18.8 मीट्रिक टन क्षमता के 15 पीएसए प्लांट 31 जुलाई 2021 तक और 10.42 मीट्रिक टन क्षमता के 10 पीएसए प्लांट 30 सितंबर 2021 तक चालू हो जाएंगे. साथ ही, 12 मीट्रिक टन क्षमता के दो क्रायोजेनिक बॉटलिंग प्लांट 31 जुलाई 2021 तक स्थापित और चालू कर दिए जाएंगे.
एलएमओ स्टोरेज टैंक की स्थिति
सरकार ने 171 मीट्रिक टन क्षमता के तीन एलएमओ स्टोरेज टैंक स्थापित कर दिए है, जबकि 100 मीट्रिक टन क्षमता के अन्य दो एलएमओ स्टोरेज टैंक को 30 जून 2021 तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है. दिल्ली सरकार के 100 या इससे अधिक बेड वाले अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति के बुनियादी ढांचे का आंकलन करने और बेड विस्तार योजना में किए गए प्रावधानों की पर्याप्तता की जांच करने व आगे का सुझाव देने के लिए एक समिति का भी गठन किया गया है.
संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर काम कर रही टास्क फोर्स
दिल्ली में कोरोना की संभावित तीसरी लहर के प्रभाव को कम करने और इसके प्रबंधन के लिए स्टेट लेवल एक्पर्ट कमेटी (राज्य स्तरीय विशेषज्ञ समिति) भी गठित की गई है. साथ ही स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के घटकों (अंगों) को बढ़ाने के लिए थर्ड वेव एक्शन प्लान का गठन किया गया है और बच्चों में कोविड-19 के प्रबंधन के लिए बाल चिकित्सा टास्क फोर्स का गठन किया गया है.
साथ ही, विभिन्न कार्यक्षेत्रों के लिए रोड मैप भी तैयार किया गया है. इसके तहत बच्चों की विशेष जरूरतों के साथ ऑक्सीजन, दवाएं, बेड वृद्धि, मानव संसाधन और वैक्सीनेशन आदि तैयारियां की जा रही हैं.