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भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 6,050 केस सामने आए हैं. इससे पहले गुरुवार को देश में कोरोना के 5,335 मामले दर्ज किए गए थे. 6 महीने बाद देश में एक दिन में इतने केस मिले थे. देश में पॉजिटिविटी रेट भी बढ़कर 3.39% हो गया है. भारत में कोरोना के बढ़ते हुए केसों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. चौंकाने वाली बात ये है कि भारत में मिल रहे कोरोना केसों में 38 फीसदी केस नए वैरिएंट XBB.1.16 के मिल रहे हैं.
जिनोम सिक्वेंसिंग पर नजर रखने वाली INSACOG के मुताबिक, देश में रोजाना सामने आ रहे कोरोना केसों में 38.2% केस XBB.1.16 वैरिएंट के हैं. INSACOG ने गुरुवार को जारी अपने बुलेटिन में बताया कि मार्च के तीसरे हफ्ते तक लिए गए सैंपल में ओमिक्रॉन का XBB वैरिएंट सबसे ज्यादा पाया गया.
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बुलेटिन के मुताबिक, ओमिक्रॉन और उसके सब वैरिएंट का प्रसार भारत में जारी है. पिछले कुछ दिनों में संक्रमण दर में वृद्धि देखी गई है. खासतौर पर भारत के पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तरी भागों में. बुलेटिन में कहा गया है कि भारत के विभिन्न भागों में नया वैरिएंट XBB.1.16 देखा गया है.
बुलेटिन में कहा गया है कि कुछ BA.2.10 और BA.2.75 सब वैरिएंट भी देश के कुछ हिस्सों में पाए गए, जबकि XBB ओमिक्रॉन वैरिएंट का सबसे प्रचलित सबलाइनेज था. INSACOG ने बताया कि दुनियाभर में पिछले 28 दिनों में कोरोना के 37 लाख केस मिले हैं. जबकि 26 हजार लोगों की मौत हुई है.
क्या है XBB वैरिएंट?
XBB.1.16 कोरोना के सब वैरिएंट ओमिक्रॉन का वैरिएंट है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, XBB.1.16, XBB.1.5 से 140 प्रतिशत तेजी से फैल सकता है. यह XBB.1.5 की तुलना में कहीं अधिक आक्रामक है और शायद XBB.1.9 वैरिएंट से भी तेज है.
हालांकि, कोरोना के नए वैरिएंट के लक्षण पहले की तरह ही हैं. कोई भी नया लक्षण सामने नहीं आया है. मौसम बदलने के कारण फ्लू के मामलों में भी वृद्धि हुई है, ऐसे में कोरोना के मामलों में भी इजाफा हुआ है.
देश में लगातार बढ़ रहे केस
भारत में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं. देश में बुधवार को कोरोना के 4,435 केस मिले थे. जबकि गुरुवार को 5335 केस मिले. वहीं, शुक्रवार को कोरोना के 6,050 मामले सामने आए. कोविड-19 संक्रमण की वजह से चिंता बढ़ती जा रही है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि देश में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं. ऐसे में सजक रहने की जरूरत है और कोरोना से खुद का बचाव जरूरी है. लेकिन यह चिंता की बात नहीं है.
मास्क अनिवार्य नहीं- मांडविया
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बैठक के बाद बताया, देश में कोरोना की स्थिति को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की. इस दौरान कोरोना टेस्टिंग और जिनोम सिक्वेंसिंग के साथ कोरोना नियमों का पालन कराने पर बात हुई.
मांडविया ने कहा, हमें सतर्क रहना है और अनावश्यक भय नहीं फैलाना. सभी स्वास्थ्य मंत्रियों से निवेदन किया कि वे अपने राज्यों में कोविड की स्थिति को देखते हुए, स्वास्थ्य सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर समीक्षा बैठक करें. 10 और 11 अप्रैल को पूरे देश में कोविड को लेकर mock drill होगी, इसमें सभी स्वास्थ्य मंत्री भी अस्पताल का दौरा करें. मास्क अभी अनिवार्य नहीं है.
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वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ जुगल किशोर का मानना है कि यह जो केस बढ़ रहे हैं, वह नई लहर नहीं है. यह कोरोना केसों में हल्का उछाल है, जो कुछ दिन बाद खत्म हो जाएगा. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते में केसों की संख्या में गिरावट आ सकती है.
Covid एक्सपर्ट डॉक्टर रघुविंदर पराशर ने बताया कि पिछले रुझानों के अनुसार, ताजा अनुमान 15 से 20 दिनों के भीतर कोरोना चरम पर होना चाहिए और फिर उसमे गिरावट की उम्मीद है.
क्या और बढ़ सकते हैं केस?
वहीं, IIT कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि देश में कोरोना के केस बढ़ना नेचुरल इम्युनिटी कम होने के संकेत हैं. उन्होंने आशंका जताई की इस बार भी स्थिति पिछले साल आई चौथी लहर की तरह हो सकती है. आने वाले 2 महीनों में कोरोना के केस हर रोज 15 हजार से 20 हजार तक आ सकते हैं. उन्होंने बताया कि प्राथमिक एनालिसिस के मुताबिक, कोरोना के केस तेजी से बढ़ने लगे हैं. उन्होंने कहा, हो सकता है कि इस बार भी स्थिति पिछले साल चौथी वेब जैसी हो जाए.