दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज में लेटलतीफी को लेकर कई मामले सामने आते रहे हैं. कोरोना काल मे मरीज के इलाज में देरी की इस शिकायत को दूर करने के लिए अब सरकारी अस्पताल हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं.
राजधानी के सबसे बड़े कोरोना अस्पताल, लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) में सभी कोरोना मरीज के अस्पताल पहुंचने से लेकर मरीज के वार्ड में भर्ती होने तक लाइव मॉनिटरिंग की शुरुआत की गई है. लाइव मॉनिटरिंग के लिए करीब 800 सीसीटीवी कैमरों को अस्पताल के कोने-कोने में इंस्टॉल किया गया है.
दिल्ली सरकार का एलएनजेपी अस्पताल राजधानी में 2000 बेड्स के साथ कोरोना का इलाज करने वाला सबसे बड़ा अस्पताल भी है. अस्पताल के एक कमरे में हाई-टेक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां बड़े आकार की टीवी स्क्रीन की मदद से सीसीटीवी कैमरे की लाइव फीड को 24 घंटे देखा जा सकता है.
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लेकिन सवाल ये है कि क्या सीसीटीवी कैमरे के जरिए लाइव मॉनिटरिंग करने से लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में हालात बदल रहे हैं? अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में एंबुलेंस की एंट्री होने के बाद कोरोना मरीज को कैजुअलिटी विभाग तक पहुंचाने तक लाइव मॉनिटरिंग की जाती है. इससे पता चलता है कि मरीज को भर्ती करने में कितना समय लगा.
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उन्होंने कहा, 'सीसीटीवी इंस्टॉल होने की वजह से काफी फायदा हुआ है. कैजुअलिटी विभाग में नजर आ रहे डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ को लगातार मॉनिटर किया जाता है. जिससे ये जान सकें कि वो कितना एक्टिव होकर मरीज को हैंडल कर रहे हैं. सबसे पहले कोरोना मरीज की पूरी जांच करते हैं और बीमारी की गंभीरता के हिसाब से संबंधित वार्ड में इलाज के लिए भेज दिया जाता है.'
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डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि एलएनजेपी अस्पताल के कैजुअलिटी विभाग में जहां मरीजों को सबसे पहले लाया जाता है वहां 25 वेंटिलेटर बेड्स की व्यवस्था है. साथ ही यहां हर शिफ्ट में 8 डॉक्टर्स, 6 मरीज अटेंडेंट, 12 वार्ड बॉय, 5 सुरक्षा गार्ड और 12 नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे मौजूद रहते हैं.
सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल
लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में आईसीयू वार्ड सहित 31 वार्ड में 760 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है. एलएनजेपी अस्पताल में पुरानी बिल्डिंग में 4 फ्लोर हैं और नई बिल्डिंग में 7 फ्लोर है और यहां अब तक सीसीटीवी की मदद से करीब 1000 मरीजों को लाइव ट्रेक किया जा चुका है.
कोरोना मरीजों की लाइव ट्रेकिंग के अलावा सीसीटीवी के कंट्रोल रूम से अस्पताल के हर वार्ड में मेडिकल वेस्ट पर भी निगरानी रखी जाती है. जैसे इस्तेमाल किए गए ग्लब्स या पीपीई किट का सही जगह पर फेंका जा रहा है या नहीं. इसके अलावा कोरोना वार्ड के आसपास साफ सफाई के इंतजाम को भी मॉनिटर किया जाता है. कोरोना की ड्यूटी के लिए एलएनजेपी अस्पताल में 650 सफाई कर्मचारी तैनात हैं.
साथ ही कोरोना मरीजों को भोजन वितरण करने के लिए 70 कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है. सीसीटीवी के जरिए नजर रखी जाती है कि कोरोना वार्ड में सही समय पर भोजन पहुंचाया जा रहा है या नहीं. सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से अस्पताल के भीतर ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ को भी मॉनिटर किया जाता है.