कोविड-19 की वजह से पाबंदियों के बीच देश-विदेश में फंसे भारतीयों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने ‘वंदेभारत’ नाम से मिशन शुरू किया. लेकिन कालाबाजारी करने वाले इस नोबल मिशन में भी पलीता लगाने से बाज नहीं आए. लगता है उन्होंने इस मिशन को हाईजैक कर लिया है.
इंडिया टुडे स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) की जांच से कई ट्रैवल ऑपरेटर्स की काली करतूतों का खुलासा हुआ है जो वंदेभारत टिकटों को मुश्किल में फंसे लोगों को मोटा प्रीमियम वसूल कर बेच रहे हैं. हालांकि एयर इंडिया ने एक्शन लेते हुए तीन एजेंट के माध्यम से एयर इंडिया का लेनदेन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
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बता दें कि भारत ने यह स्पेशल सर्विस 7 मई को शुरू की थी क्योंकि महामारी की भयावहता ने पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ब्रेक लगा दिया था. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 10 लाख से अधिक भारतीयों को विदेश से घर वापस लाया गया है, इसी तरह एयर इंडिया की वंदेभारत उड़ानों से 130,000 से अधिक लोगों को भारत से बाहर भी भेजा गया.
इंडिया टुडे की अंडरकवर जांच में पाया गया कि एयरलाइन के निराशाजनक ढंग से धीमे बुकिंग पोर्टल पर ‘सोल्ड आउट’ के साइन देख कर हताश होने वाले यात्रियों को चूना लगाने से बेशर्म एजेंट बाज नहीं आ रहे.
31 जुलाई को एयर इंडिया का दिल्ली-टोरंटो सेक्टर के लिए एक तरफ का किराया 75,000 रुपये था. दिल्ली के जंगपुरा स्थित रीयल फ्लाई टूर एंड ट्रैवल्स के राहुल अग्रवाल ने इसी टिकट को 1.75 लाख रुपये में देने की पेशकश की.
इंडिया टुडे के अंडरकवर रिपोर्टर ने खुद को यात्री बताते हुए अग्रवाल से कहा, "हमें टोरंटो के लिए दो टिकट चाहिए. एक टिकट के लिए कितना देना होगा ?"
अग्रवाल ने जवाब दिया, "यह 8/9 या 11 अगस्त के लिए 1.75 लाख रुपये है. टिकट उपलब्ध नहीं हैं. उन्हें 2 लाख से 2.25 लाख रुपये में बेचा जा रहा है. मैं आपको टोरंटो के लिए एक विशेष तारीख की पेशकश नहीं कर सकता क्योंकि मुझे इसे इनसाइडर्स से हासिल करना है. फ्लाइट की तारीख कुछ दिन पहले या बाद में आगे पीछे हो सकती है."
4 दिनों की बुकिंग 2 मिनट में
ट्रैवल ऑपरेटर ने दावा किया कि वह एयरलाइन अधिकारियों से अंडरहैंड इसे सुनिश्चित कर बुकिंग जारी कर देगा, जो कि आधिकारिक पोर्टल पर सोल्ड-आउट दिखाई जा रही है.
अग्रवाल ने कहा, "यह एयरलाइन के जरिए किया जाना है. आपको सिस्टम (वेबसाइट) पर कुछ भी नहीं मिलेगा.” अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि "जिस वक्त फ्लाइट शेड्यूल पोस्ट किया जाता है, चार दिनों की बुकिंग दो मिनट में बिक जाती है."
दिल्ली के बाराखंबा रोड पर एयर व्यू सर्विसेज के ट्रैवल ऑपरेटर एमएस जग्गी ने टोरंटो के लिए वंदेभारत फ्लाइट के लिए 110,000 रुपये प्रति टिकट की मांग की. जग्गी ने कहा, "मैं आपको 8 अगस्त के लिए कन्फर्म बुकिंग दे सकता हूं. इसकी कीमत आपको 1.10 लाख रुपये पड़ेगी. यह मैं आपको तुरंत दे सकता हूं. इसके बारे में कोई दिक्कत नहीं है."
रिपोर्टर- "तो इस 1.10 लाख रुपये में आपका कमीशन शामिल है, सही है".
जग्गी- हां, "अगर आप (एयर इंडिया) वेबसाइट पर भरोसा करेंगे, तो ईमानदारी से मैं महसूस नहीं करता कि आपको बुकिंग आसानी से मिलेगी."
रिपोर्टर- "यह वेबसाइट पर सोल्ड आउट दिखा रहा है."
जग्गी- "यह वेबसाइट पर सोल्ड आउट दिखा रहा है. लेकिन जिन लोगों ने इसे लिया है, उनके पास अपना कोटा है. हम इसे वहां से हासिल करेंगे. भारी ट्रैफिक (मांग) की वजह से इसे पहले भी 1.75 लाख रुपये में बेचा गया है."
#FlyAI : We request that before booking tickets for #VBM flights kindly check fares on https://t.co/agw7vH88Hq .
If you face any issue on account of overcharging,please email us on gmsm@airindia.in
We have also advised our Travel agents in this regard.
— Air India (@airindiain) July 31, 2020
एयर इंडिया को मोटे तौर पर इस तरह की हरकतों का पता है.
जुलाई के एक सर्कुलर में, एयरलाइन ने अपने एजेंटों को वंदे भारत के यात्रियों से अधिक चार्ज न करने के लिए चेतावनी दी, नहीं तो अपना लाइसेंस खोने का खतरा मोल लेने के लिए तैयार रहने को कहा.
लेकिन महामारी के दौरान कालाबाजारी चरम पर है.
दिल्ली के लाजपत नगर में फ्रेंड्स टिकटिंग हब के ट्रैवल ऑपरेटर विपिन ने यहां तक दावा किया कि एयर इंडिया टोरंटो के लिए एक प्राइवेट विमान उड़ाएगा. विपिन ने उस काल्पनिक उड़ान पर 130,000 रुपये में सीट देने की पेशकश भी की.
विपिन ने दावा किया, "यह एक प्राइवेट विमान है, जिसे उसने (एयर इंडिया) हायर किया है."
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जब इंडिया टुडे के अंडर कवर रिपोर्टर्स ने उसी दिन दिल्ली में एयर इंडिया के रिजर्वेशन ऑफिस का दौरा किया, तो इसके अधिकारी ने किसी भी चार्टर्ड फ्लाइट से जुड़े दावों को खारिज कर दिया.
रिपोर्टर- "क्या आप भी कोई चार्टर्ड (विमान) उड़ा रहे हैं?"
अधिकारी- "नहीं, हम नहीं जानते कि कौन चार्टर्ड (विमान) भेज रहा है."
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मई में, रेलवे ने जब लॉकडाउन में स्पेशल राजधानी टाइप ट्रेन्स चलाने का ऐलान किया था, तब इंडिया टुडे एसआईटी ने रेल ई-टिकटों को लेकर ऐसे ही ब्लैक-मार्केट का पर्दाफाश किया था.