भारत में कोरोना की एंट्री को लगभग एक साल हो चला है. टीका आने तक लॉकडाउन जैसे कड़े फैसलों से इस वायरस के संक्रमण से बचने की कोशिशें की गईं अब टीकाकरण के साथ ही नियम भी ढीले पड़ गए हैं और सोशल डिस्टेंसिंग को भी कॉर्नर कर दिया गया है. लिहाजा, इसके नतीजे भी नकारात्मक आ रहे हैं और सामूहिक तौर पर लोग पॉजिटिव पाए जा रहे हैं.
बेंगलुरु की ताजा घटना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. जहां एक अपार्टमेंट में पार्टी की गई. लोगों ने एन्जॉय किया. कोरोना टेस्ट किया गया तो 103 लोग पॉजिटिव आए. ये ऐसा नंबर जो पिछले कुछ दिनों में देखने-सुनने को नहीं मिला था. सामूहिक तौर पर इतने लोगों का कोरोना पॉजिटिव आना उन दिनों जैसा है जब कोरोना अपने पीक पर था.
अपार्टमेंट के अलावा एक कॉलेज के छात्र भी बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव हुए हैं. बेंगलुरु के मंजूश्री कॉलेज ऑफ नर्सिंग के 210 छात्रों में से 40 छात्र कोरोना पॉजिटिव आए हैं, इनमें से कुछ को अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ा है.
ये आंकड़े थोड़ा डराने वाले हैं. क्योंकि कोरोना ने जब से दुनिया को अपनी जद में लिया है, तब से ही हर वैज्ञानिक और डॉक्टर ने एक-दूसरे से दूरी बनाने की ही सलाह दी है. टीका आने के बावजूद भी चेहरे पर मास्क पहनने और आपसे में उचित दूरी बनाए रखने की सलाह कोरोना गाइडलाइंस में सबसे ऊपर हैं. खासकर केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु में कोरोना का कहर थमता नहीं दिख रहा. लगातार बड़ी तादाद में कोरोना के केस सामने आ रहे हैं. इसके अलावा साउथ अफ्रीकी और ब्राजील के कोरोना वेरिएंट की भी एंट्री भारत में हो गई है. खतरा कहीं से भी कम होता हुआ नहीं दिख रहा.
हैरानी की बात ये भी है कि भारत में अभी सिर्फ हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वॉरियर्स को कोरोना के टीके लगाए जा रहे हैं. हाल ही में वैक्सीन की दूसरी डोज देनी शुरू की गई है. यानी आम लोग अभी कोरोना वैक्सीन से काफी दूर हैं. यही वजह है कि टीकाकरण अभियान की शुरुआत के वक्त भी पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा था कि मास्क लगाना न भूलें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें.
हालांकि, आम लोगों के साथ ही जनमान्यगण भी इस नियम कायदे का उल्लंघन करने से परहेज नहीं कर रहे हैं. हाल ही में गुजरात गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. गुजरात में निकाय चुनाव हो रहे हैं और रुपाणी वडोदरा में चुनाव में प्रचार के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान वो मंच पर चक्कर खाकर गिर पड़े थे. हॉस्पिटल में पहुंचने पर उनके चेकअप किए गए तो वो कोरोना पॉजिटिव भी निकले. रुपाणी के साथ दो और नेता भी पॉजिटिव आए हैं.
मध्य प्रदेश के इंदौर में भी बड़ी तादाद में एक साथ लोग कोरोना पॉजिटिव आए हैं. मंगलवार रात इंदौर में 89 नए केस आए हैं, इनमें से 26 लोग वो हैं जो एक ही जगह काम करते थे. ये सभी लोग एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं. इस कंपनी के 100 से ज्यादा कर्मचारियों के टेस्ट किए गए थे, जिनमें 26 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. गौरतलब है कि टीका आने के बाद से धीरे-धीरे कार्यस्थल भी खोले जा रहे हैं.
कैसे फैलता है कोरोना वायरस?
दरअसल, इस तरह की अपील इसलिए की जाती रही है क्योंकि WHO की गाइडलाइंस में साफ तौर बताया गया है कि ये वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है. अगर किसी व्यक्ति को कोरोना है और वो छींकता है या मुंह या नाक से किसी भी तरह की डॉपलेट्स निकलती हैं और उनके संपर्क में कोई दूसरा व्यक्ति आ जाता है तो ये कोरोना होने का कारण बन सकता है. इसके अलावा WHO की तरफ से ये भी कहा गया है कि अगर किसी सतह पर वायरस है तो उसके संपर्क में आकर भी कोरोना हो सकता है. साथ ही संक्रमित व्यक्ति की आंख, नाक या मुंह टच करने से भी कोरोना वायरस फैलता है.
ये वो बातें हैं जो दुनिया के हर डॉक्टर, वैज्ञानिक और राजनेताओं की तरफ से जनता को बताई गई हैं. यही वजह है कि मास्क पहनने और एक-दूसरे से दूरी बनाने की सलाह दी जाती रही है. लेकिन जब लोग पार्टियों में झूमते हैं तो जाहिर है ये नियम भी ताक पर रख दिए जाते हैं. खाने-पीने के बहाने ही सही, मास्क भी हटा दिया जाता है. यही वजह है कि ऐसे की मौके आए हैं जब किसी इवेंट या फंक्शन में लोग जमा हुए और बड़ी तादाद में कोरोना से संक्रमित हो गए. शादियों में संक्रमण फैलने की कई घटनाएं अतीत में हो चुकी हैं. दूल्हा-दुल्हन तक संक्रमित हो चुके हैं, यहां तक कि शादी में शामिल लोग कोरोना संक्रमण के चलते अपनी जान भी गंवा चुके हैं.