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कोरोना के बीच अब ब्लैक फंगस का कहर, राजस्थान में 700 मामले, दिल्ली से महाराष्ट्र तक हाहाकार

कोरोना की दूसरी लहर का मुकाबला कर रहे भारत में अब ब्लैक फंगस ने कहर बरपा दिया है. दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में इसके नए मामले सामने आ रहे हैं, एक्सपर्ट्स ने इस खतरनाक बीमारी को लेकर चेताया है.

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कोरोना संकट के बीच ब्लैक फंगस ने डराया (PTI)
कोरोना संकट के बीच ब्लैक फंगस ने डराया (PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना की दूसरी लहर के बीच ब्लैक फंगस का प्रकोप
  • राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, यूपी में कई नए मामले
  • तेज़ी से फैलता है ब्लैक फंगस, जानलेवा बीमारी

कोरोना की चुनौती के बीच ब्लैक फंगस बीमारी ने चिंता बढ़ा दी है. देश के कई राज्यों में इस बीमारी के मरीज़ों की संख्या बढ़ने लगी है. सिर्फ राजस्थान में ही ब्लैक फंगस के 700 से अधिक केस हैं, ऐसे में राज्य सरकार सचेत हो गई है.

राजस्थान में ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया गया है, जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को जरूरी एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं. पूरे प्रदेश में कुल 700 केस हैं, जबकि सिर्फ एक ही अस्पताल में ब्लैक फंगस के 100 से अधिक मरीज़ हैं.

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राज्यों को चिट्ठी लिखी गई है कि ब्लैक फंगस को महामारी के अंतर्गत शामिल करें, साथ ही इससे जुड़े हर मामले को रिपोर्ट किया जाए. केंद्र ने ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन्स का पालन करने को कहा है. 

राजस्थान के अलावा भी कई राज्यों में असर
सिर्फ राजस्थान ही नहीं बल्कि कई राज्यों में ब्लैक फंगस ने चिंता बढ़ाई है. महाराष्ट्र में अबतक इस बीमारी के कारण 90 मरीजों की जान जा चुकी है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली जैसे राज्यों में नियमित अंतराल पर ब्लैक फंगस के मरीज़ मिल रहे हैं. 

क्लिक करें: हरियाणा के फतेहाबाद में ब्लैक फंगस के मरीज का हुआ सफल ऑपरेशन

महाराष्ट्र में करीब दो हज़ार से अधिक केस दर्ज किए गए हैं. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खुद इस मुद्दे को गुरुवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में उठा सकते हैं. महाराष्ट्र ने केंद्र से अपील की है कि तुरंत उसे दवाइयां मुहैया कराई जाए. महाराष्ट्र के हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बारामती में म्युकरमाइकोसिस जांच कैंप लगाए गए हैं, जहां 400 लोगों की जांच हुई जिनमें 16 लोग संक्रमित निकले.  

अगर राजधानी दिल्ली की बात करें तो सर गंगाराम अस्पताल में ब्लैक फंगस से सबसे ज्यादा 40 केस सामने आए हैं, मैक्स अस्पताल में 25 केस सामने आए हैं. जबकि एम्स में करीब 20 और मूलचंद अस्पताल में ब्लैक फंगस का एक केस आया है.

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क्लिक करें: ब्लैक फंगस का बढ़ रहा खतरा, कैसे करें पहचान, क्या कदम उठाने जरूरी? पढ़ें- AIIMS की गाइडलाइन्स

इस बीमारी को लेकर एक्सपर्ट्स ने चेताया
एक्सपर्ट्स की मानें, तो ब्लैक फंगस काफी तेजी से फैलता है. तीन दिन में इसका संक्रमण नाक से आंख होते हुए ब्रेन तक पहुंच जाता है. इसलिए जरूरी है कि ये बीमारी जल्द पकड़ में आए और इसका इलाज जल्द शुरू हो. इस सबके बीच दिक्कत तो इसके इलाज में काम आने वाली दवा और इंजेक्शन को लेकर भी है. एंटी फंगल इंजेक्शन दवा दुकानों से गायब है, लोग इंजेक्शन के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं.

नई दिल्ली के एम्स द्वारा भी इस बीमारी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है और गाइडलाइन्स निकाली गई हैं. जिसमें ब्लैक फंगस के लक्षण, किन मरीजों को सबसे अधिक खतरा है और ऐसा होने पर क्या करना चाहिए सभी जानकारी दी गई है. राहत की बात ये भी है कि हरियाणा में ब्लैक फंगस का ऐसा ही एक मामला सामने आया था, लेकिन वहां उसका सफल ऑपरेशन किया गया जो उम्मीद जगाता है. 

(इनपुट: आजतक ब्यूरो)

 

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