देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना की रफ्तार एक बार फिर से बढ़ने लगी है. दिल्ली में गुरुवार को कोरोना के 2,737 नए मामले सामने आए हैं. राष्ट्रीय राजधानी में 66 दिन बाद एक दिन में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले आए हैं. इसके बाद कुल मामले 182306 हो गए हैं. अब तक 4500 लोगों की मौत हो चुकी है. दिल्ली में जुलाई के पहले हफ्ते के बाद पहली बार कोरोना के इतने केस सामने आए हैं.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि दिल्ली में 19 और लोगों की मौत हुई है. दिल्ली में कोरोना के एक्टिव केस 17,692 हैं. दिल्ली में कोरोना के कम होते मामलों के बीच अगस्त के महीने में मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है. कोरोना के कम होते मामलों से दिल्ली वालों को एक उम्मीद जगी थी कि शायद महामारी जल्द खत्म हो जाए, लेकिन एक बार फिर बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
दिल्ली में कोरोना के बढ़ते केस से स्वास्थ्य मंत्रालय भी चिंतित है. स्वास्थ्य सचिव राजीव भूषण ने कहा कि दिल्ली में केसों की संख्या बढ़ रही है, इसमें कोई संदेह नहीं है. लेकिन, सरकार ने आर्थिक गतिविधियों को खोलने के लिए एक वर्गीकृत दृष्टिकोण अपनाया है. अब केंद्र सरकार फिर से दिल्ली पर ध्यान केंद्रित कर रही है. केंद्र प्रतिबंधात्मक कदम उठाने के लिए एलजी के संपर्क में है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि देश में कोरोना के कुल एक्टिव केसों का करीब 62 फीसदी हिस्सा सिर्फ पांच राज्यों में है. इन पांच राज्यों के कुल एक्टिव केसों के 25 प्रतिशत मामले सिर्फ महाराष्ट्र के हैं. ये पांच राज्य क्रमश: महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, यूपी और तमिलनाडु हैं.
गुजरात में एक लाख के पार केस
उधर, गुजरात में भी कोरोना के केस एक लाख के पार हो गए हैं. यहां पर 24 घंटे में 1325 नए केस सामने आए हैं और 16 लोगों की मौत हुई है. गुजरात में कोरोना के कुल 1,00,375 केस हो गए हैं.