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धूम्रपान करने वाले सावधान, कोरोना की चपेट में आने पर मौत का खतरा ज्यादा

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने धूम्रपान और कोरोना वायरस को लेकर किए गए 34 शोधों का रिव्यू किया. इसमें पाया गया कि हॉस्पिटल में भर्ती धूम्रपान करने वाले कोरोना मरीजों को मौत का खतरा ज्यादा होता है.

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(Image | PTI)
(Image | PTI)

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  • धूम्रपान करने वालों को गंभीर बीमारियों का भी होता है खतरा
  • WHO ने धूम्रपान और कोरोना से जुड़े शोधों की समीक्षा की

धूम्रपान करने वालों को गंभीर बीमारियों का खतरा और कोरोना वायरस की चपेट में आने पर मौत का खतरा काफी ज्यादा होता है. यह दावा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने किया है. हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह साफ नहीं किया है कि धूम्रपान करने वालों को कोरोना वायरस की चपेट में आने पर मौत का खतरा कितना होता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि कोरोना वायरस से मरने वालों में उन लोगों की संख्या ज्यादा है, जो धूम्रपान करते या किसी दूसरी तरह का नशा करते हैं. हालिया कई शोध में यह बात सामने आई है कि जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनको गंभीर बीमारियों का खतरा तो होता ही है, लेकिन कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद मौत का जोखिम भी बढ़ जाता है. धूम्रपान करने वालों पर कोरोना वायरस का ज्यादा असर होता है.

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WHO ने 34 शोधों का रिव्यू किया

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने धूम्रपान और कोरोना वायरस को लेकर किए गए 34 शोधों का रिव्यू किया. इसमें पाया गया कि हॉस्पिटल में भर्ती धूम्रपान करने वाले कोरोना मरीजों को मौत का खतरा ज्यादा होता है. वहीं, जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं, उन लोगों को कोरोना वायरस से मौत का खतरा अपेक्षाकृत कम होता है.

सिगरेट पीने वालों में कोविड 19 का खतरा ज्यादा

एक स्टडी के मुताबिक, सिगरेट का धुआं रिसेप्टर प्रोटीन अधिक बनाने के लिए फेफड़े को फुला देता है, जिसका इस्तेमाल कोरोना वायरस मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए करता है. इसलिए धूम्रपान छोड़ने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा कम हो सकता है.

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