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चीन में कोरोना बेकाबू, अमेरिका-यूरोप में नई लहर की आशंका, भारत की ये है तैयारियां

दुनियाभर में कोरोना के केस फिर बढ़ने लगे हैं. WHO के मुताबिक, एक हफ्ते में कोरोना के मामलों में 8 फीसदी का उछाल आया है. चीन में बढ़ते कोरोना केस को देखते हुए भारत सरकार भी अलर्ट में आ गई है. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने अधिकारियों को टेस्टिंग, सर्विलांस और जीनोम सिक्वेंसिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.

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तस्वीर हॉन्गकॉन्ग में बने एक आइसोलेशन सेंटर की है. यहां भी कोरोना से हालात बिगड़ रहे हैं. (फाइल फोटो-AP/PTI)
तस्वीर हॉन्गकॉन्ग में बने एक आइसोलेशन सेंटर की है. यहां भी कोरोना से हालात बिगड़ रहे हैं. (फाइल फोटो-AP/PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चीन में दो साल बाद सबसे बुरी स्थिति
  • दुनिया में एक हफ्ते में संक्रमित 11% बढ़े
  • स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने की बड़ी मीटिंग
  • अमेरिका-यूरोप में नई लहर आने की आशंका

देश में कोरोना का संक्रमण भले ही काबू में हो, लेकिन पड़ोसी मुल्क चीन में संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है. चीन में बढ़ते कोरोना को देखते हुए भारत सरकार भी अलर्ट हो गई है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई थी, जिसमें अधिकारियों को सर्विलांस और जीनोम सिक्वेंसिंग बढ़ाने का निर्देश दिया है. 

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चीन में कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. यहां फरवरी 2020 के बाद से सबसे बुरी स्थिति बताई जा रही है. चीन में कुछ दिन से 3 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं. सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि हॉन्गकॉन्ग, दक्षिण कोरिया समेत अफ्रीकी और यूरोपीय देशों में भी कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं. 

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मंडाविया ने तीन मोर्चों पर अलर्ट रहने को कहा

1. संक्रमितों की संख्या पर अलर्ट

भारत में कोरोना की तीसरी लहर अब काफी कमजोर हो गई है. देश में कोरोना का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है. हालांकि, चीन समेत कई देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने अधिकारियों को भारत में भी डेली केसेस की संख्या को लेकर अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है. 

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2. सर्विलांस और टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश

भारत में दो साल की पाबंदियों के बाद 17 मार्च से फिर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने जा रही हैं. हालांकि, बढ़ते कोरोना ने एक बार फिर से इसको लेकर टेंशन बढ़ा दिया है. यही कारण है कि मंडाविया ने अधिकारियों को सर्विलांस और टेस्टिंग बढ़ाने का निर्देश दिया है. जानकारी के मुताबिक, इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया है. 

3. जीनोम सिक्वेंसिंग तेज की जाए

चीन में ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट BA.2 तबाही मचा रहा है. वहीं कुछ देशों में अब Deltacron के मामले भी सामने आने लगे हैं. डेल्टाक्रॉन कोरोना के डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट से मिलकर बना है. स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने अधिकारियों ने डेल्टाक्रॉन के मामलों पर नजर रखने को कहा है. इसके साथ ही जीनोम सिक्वेंसिंग बढ़ाने को भी कहा गया है ताकि अगर कोई नया वैरिएंट भारत में आया हो तो उसकी पहचान जल्दी हो सके.

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भारत में क्या है कोरोना की स्थिति?

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के 2,539 नए मामले सामने आए हैं. इसी दौरान 60 मरीजों की मौत भी हुई है, जबकि 4,491 मरीज ठीक भी हुए हैं. इससे एक दिन पहले कोरोना के 2,876 मरीज सामने आए थे. फिलहाल देश में कोरोना का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 30,799 है, जबकि संक्रमण दर घटकर 0.7 फीसदी पहुंच गई है. 

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दुनियाभर में फिर बढ़ने लगा कोरोना?

जनवरी के आखिर से दुनियाभर में कोरोना के मामलों में गिरावट आने लगी थी, लेकिन अब फिर से संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, बीते एक हफ्ते में दुनियाभर में कोरोना के 1.10 करोड़ से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, जो इससे पहले के हफ्ते से 8% ज्यादा है. 

WHO ने बुधवार को बताया कि चीन और दक्षिण कोरिया में कोरोना के मामले 25% और मौतें 27% तक बढ़ गईं हैं. अफ्रीका में भी नए मामलों में 12% और मौतों में 14% की बढ़ोतरी हुई है. जबकि, यूरोप में नए मामले 2 फीसदी तक बढ़ गए हैं. हालांकि, यूरोप में मौतों का आंकड़ा स्थिर बना हुआ है. 

अमेरिका-यूरोप में नई लहर की आशंका

ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स और यूके में केस बढ़ने लगे हैं, जिसके चलते यूरोप में कोरोना की एक और लहर आने की आशंका बढ़ गई है. एक्सपर्ट यूरोप के अलावा अमेरिका में भी कोरोना की नई लहर आने की आशंका जता रहे हैं.

वहीं, WHO की मारिया वेन केरखोव का कहना है कि BA.2 अब तक का सबसे ज्यादा संक्रामक वैरिएंट है. दुनियाभर में बढ़ रहे कोरोना के मामलों के पीछे इसी वैरिएंट को जिम्मेदार माना जा रहा है. 

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हालांकि, भारत में कोरोना की नई लहर को लेकर विशेषज्ञ बहुत ज्यादा आशंकित नहीं है. कोविड टास्क फोर्स NTAGI के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा का कहना है कि भारत में तीसरी लहर में 75 फीसदी मामले BA.2 के ही थे, इसलिए इससे नई लहर आने की गुंजाइश नहीं है. हालांकि, नया वैरिएंट आता है तो फिर एक और लहर आ सकती है.

 

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