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कोरोना की लहर तेज, एक हफ्ते में बढ़ गए 25% मरीज, दिल्ली-महाराष्ट्र से तमिलनाडु तक डरा रही रफ्तार

Coronavirus in India: देश में कोरोना की रफ्तार अब डराने लगी है. 24 घंटे में 17 हजार से ज्यादा नए मरीज सामने आए हैं. एक्टिव केसेस की संख्या 94 हजार के पार चली गई है. क्या बढ़ते कोरोना के मामले चिंता का कारण है? एक्सपर्ट क्या कहते हैं? पढ़ें...

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देश में कोरोना की संक्रमण दर लगातार बढ़ रही है. (फाइल फोटो-PTI)
देश में कोरोना की संक्रमण दर लगातार बढ़ रही है. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • संक्रमण दर 139 दिन बाद 5% के पार
  • हफ्तेभर में 97,573 नए मरीज मिले
  • मुंबई में पॉजिटिविटी रेट 13% के करीब

Coronavirus in India: देश में कोरोना संक्रमण की लहर तेज होती जा रही है. एक्टिव केस 95 हजार के करीब पहुंच गए हैं. जिस तेजी से कोरोना का ग्राफ ऊपर बढ़ रहा है, उससे माना जा सकता है कि देश में चौथी लहर आ चुकी है. चिंता बढ़ाने वाली बात ये है कि हफ्तेभर में कोरोना के नए मरीजों की संख्या 25 फीसदी तक बढ़ गई है. 

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स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 24 घंटे में कोरोना के 17 हजार 73 नए मरीज मिले हैं. इस दौरान 21 मरीजों की मौत हुई है. पॉजिटिविटी रेट 5.62% पर आ गया है. पॉजिटिविटी रेट से पता चलता है कि 100 टेस्ट में कितने संक्रमित मिल रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 139 दिन बाद पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी के पार गया है.

आंकड़ों के मुताबिक, रविवार के दिन देश में 15 हजार 208 मरीज कोरोना से ठीक हुए हैं. कुछ दिन से नए मरीजों की संख्या ठीक होने वाले मरीजों की संख्या के मुकाबले ज्यादा है, जिससे एक्टिव केस तेजी से बढ़ रहे हैं. अभी देश में एक्टिव केसेस की संख्या 94 हजार 420 हो गई है. 24 घंटे में एक्टिव केस में 1 हजार 844 का इजाफा हुआ है.

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वीकली केस 1 लाख के करीब

- देश में कोरोना की रफ्तार कितनी तेजी से बढ़ रही है? इसे वीकली केसेस के आंकड़ों से समझा जा सकता है. देश में वीकली केसेस में 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो गई है. वहीं, मौतों की संख्या भी 45 फीसदी इजाफा हुआ है.

- आंकड़ों के मुताबिक, 20 जून से 26 जून के बीच देशभर में 97 हजार 573 मामले सामने आए हैं और 147 मरीजों की मौत हुई है. जबकि, इससे पहले के हफ्ते यानी 13 से 19 जून के बीच 79 हजार 372 मामले सामने आए थे और 102 मरीजों की मौत हुई थी. 

  केस मौत
30 मई से 5 जून 25,586 90
6 जून से 12 जून 48,766 70
13 जून से 19 जून 79,372 102
20 जून से 26 जून 97,573 147

इन राज्यों में कोरोना की रफ्तार डरावनी

- देश में कोरोना की सबसे ज्यादा डरावनी रफ्तार महाराष्ट्र में देखने को मिल रही है. यहां 24 घंटे में 6 हजार 493 संक्रमित मिले हैं. दूसरे नंबर पर केरल है, जहां 3 हजार 378 मामले सामने आए हैं. 

- उसके बाद दिल्ली में 1 हजार 891, तमिलनाडु में 1 हजार 472 और उत्तर प्रदेश में 572 मामले सामने आए हैं. देश के नए मामलों में 80 फीसदी से ज्यादा मरीज इन्हीं पांच राज्यों में मिले हैं. 

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दिल्ली से मुंबई तक बढ़ रहा कोरोना

- महाराष्ट्र में रविवार को कोरोना के 6 हजार 493 मामले सामने आए हैं. 5 मरीजों की मौत हुई है. ये सभी मौतें मुंबई में हुई है. मुंबई में रविवार को 2 हजार 771 नए मामले सामने आए हैं. मुंबई में पॉजिटिविटी रेट 13 फीसदी के करीब आ गया है.

- पुणे स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को मुंबई में तीन मरीजों में BA.5 और दो में BA.4 की पुष्टि हुई है. ओमिक्रॉन के ये दोनों सब-वैरिएंट्स काफी संक्रामक है. अब तक महाराष्ट्र में BA.4 और BA.5 के 54 मामले सामने आ चुके हैं.

- राजधानी दिल्ली में भी कोरोना की रफ्तार तेज हो गई है. यहां रविवार को 1 हजार 891 नए मामले सामने आए हैं और 4 मरीजों की मौत हुई है. यहां पर संक्रमण दर 8 फीसदी के पार चल रही है. कई दिनों से दिल्ली और मुंबई में संक्रमण दर तेज बनी हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, अगर पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी के पार रहता है, तो माना जाता है कि संक्रमण बेकाबू है.

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- दिल्ली-मुंबई के अलावा तमिलनाडु में भी कोरोना की रफ्तार बढ़ गई है. यहां 24 घंटे में 1 हजार 472 नए मामले सामने आए हैं. राहत भरी बात ये है कि इस दौरान किसी की मौत नहीं हुई है. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लोग ढील बरत रहे हैं, जिससे राज्य के कई हिस्सों में मरीज बढ़ रहे हैं. यहां संक्रमण दर 6 फीसदी के करीब है.

क्या अब घबराने का समय आ गया है?

- देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के पीछे ओमिक्रॉन और उसके सब-वैरिएंट्स को जिम्मेदार माना जा रहा है. अभी देश में BA.2, BA.2.38, BA.4 और BA.5 सब-वैरिएंट्स फैल रहे हैं. हालांकि, मामले बढ़ने के बावजूद एक्सपर्ट का कहना है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है.

- एम्स में सीनियर एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. संजय राय का कहना है कि मामलों का बढ़ना एक सामान्य घटना है, जो बताती है कि अब संक्रमण पेंडेमिक से एंडेमिक के फेज में जा रहा है. उन्होंने न्यूज एजेंसी से कहा कि जब तक अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों और मौतों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं होती, तब तक चिंता करने की बात नहीं है.

- महामारी विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहारिया ने न्यूज एजेंसी से कहा कि कोरोना आज भी हमारे बीच वैसा ही मौजूद है, जैसा कुछ महीनों पहले हुआ करता था. उन्होंने कहा कि समय-समय पर मामलों में बढ़ोतरी होना या गिरावट आना लाजमी है, क्योंकि संक्रामक और श्वसन रोग ऐसे ही बर्ताव करते हैं, इसलिए मामलों का बढ़ना चिंता का कारण नहीं है.

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