इन हाउस बोट का इस्तेमाल उन परिस्थितियों में किया जा सकता है, जब अगर विमान सेवा शुरू होती हैं. तब अगर लोगों का बाहर से आना फिर शुरू होगा, तो पहले उन्हें इन्हीं बोट में कुछ वक्त के लिए आइसोलेशन में रखा जाएगा.
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केरल सरकार की कोशिश है कि इन हाउस बोट का उपयोग करके करीब 2000 बेड की व्यवस्था की जाए. शुरुआती तौर पर अभी अलाप्पुझा में 140 हाउस बोट को तैयार किया जा रहा है. राज्य सरकार के इस प्रस्ताव पर हाउस बोट के मालिकों ने हामी भरी है और अपनी बोट का इस्तेमाल करने की इजाजत दी है.
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इन सभी बोट को वेंबंन्दु के पास खड़ा किया जाएगा, जहां पर 700 बोट खड़े करने की क्षमता है. इन्हीं 700 हाउस बोट में 2000 बेड की व्यवस्था हो सकती है. बता दें कि यही वो इलाका है, जहां पर देश में कोरोना वायरस का दूसरा मामला सामने आया था.
जिला अधिकारी के अनुसार, तब से लेकर अबतक हमने कई तरह की तैयारियां की हैं ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके. हमने अब लगातार हाउस बोट की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है. इन बोट का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में किया जा सकता है, देश के लिए ये एक मॉडल बन सकता है.
आपको बता दें कि केरल में ही देश के शुरुआती केस रिपोर्ट हुए थे. केरल में अबतक 400 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हुई है.