Coronavirus Omicron Variant: दक्षिण अफ्रीका में मिले ओमिक्रॉन वैरिएंट का कहर भारत में बढ़ता जा रहा है. भारत में ओमिक्रॉन के अब तक 78 मामले आ चुके हैं. ओमिक्रॉन के कारण भारत में तीसरी लहर आने की आशंका भी जताई जा रही है. एक्सपर्ट का मानना है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई तो तीसरी लहर का खतरा है.
इसे तीसरी लहर का खतरा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि अब तक जिन देशों में ओमिक्रॉन के मामले सामने आए हैं, वहां संक्रमण तेजी से बढ़ा है. ब्रिटेन में बुधवार को कोरोना के 78,600 से ज्यादा मामले सामने आए. ब्रिटेन के अलावा यूरोप के कई देशों में भी मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.
ओमिक्रॉन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख डॉ. टेड्रोस गेब्रेसियस (Tedros Ghebreyesus) ने भी कहा है कि भले ही ओमिक्रॉन के गंभीर लक्षण नहीं हैं, लेकिन ये तेजी से फैल रहा है और इससे अस्पताल में मरीजों के बढ़ने की आशंका है. इसी बीच महाराष्ट्र में जनवरी में ओमिक्रॉन की लहर आने का डर है. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के एसीएस डॉ. प्रदीप व्यास ने कैबिनेट मीटिंग में बताया कि राज्य में जनवरी में ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं.
चिंता की बात क्यों?
ओमिक्रॉन को लेकर चिंता की बात ये भी है कि ये वैक्सीनेटेड (Vaccinated) लोगों को भी आसानी से शिकार बना रहा है. भारत में अभी तक ओमिक्रॉन के मामले सामने आए हैं, उनमें आधे से ज्यादा ऐसे ही हैं जिन्हें कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की दोनों डोज लग चुकी थी. ऐसे में अभी तक यही माना जा रहा है कि ओमिक्रॉन वैक्सीन के असर को कम कर सकता है.
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तो क्या अब बूस्टर डोज है जरूरी?
ओमिक्रॉन से निपटने के लिए वैज्ञानिक बूस्टर डोज को जरूरी बता रहे हैं. यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) की रिसर्च में आया था कि कोविशील्ड (Covishield) वैक्सीन की तीसरी डोज (Third Dose) ओमिक्रॉन पर असरदार है और 70-75% इम्युनिटी देती है.
प्रसिद्ध वायरोलॉजिस्ट डॉ. शाहीद जमील ने बताया कि दो डोज के बाद बूस्टर डोज एंटीबॉडी बढ़ाती है, साथ ही ओमिक्रॉन के खिलाफ भी प्रोटेक्शन देती है. उन्होंने न्यूज एजेंसी से कहा कि हमें नहीं पता कि दो डोज गंभीर बीमारी से कब तक बचाती है. उन्होंने ये भी कहा कि भारत में जिन लोगों को अब तक कोविशील्ड की एक ही डोज लगी है, उन्हें अब 12 से 16 हफ्तों की बजाय 8 से 12 हफ्ते बाद ही दूसरी डोज लगा देनी चाहिए.
भारत की क्या है तैयारी?
दुनिया के कई देशों में बूस्टर डोज (Booster Dose) लगनी शुरू हो गई है. ओमिक्रॉन के डर के बीच भारत में भी बूस्टर डोज की चर्चा तेज हो गई है. सरकार ने भी बूस्टर डोज और बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर इस महीने के आखिरी तक कोई बड़ा फैसला ले सकती है.
कुछ दिन पहले संसदीय समिति ने भी सिफारिश की थी कि स्वास्थ्य मंत्रालय और वैक्सीन से जुड़ी एजेंसियों को बूस्टर डोज की जरूरत का आकलन करना चाहिए. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Mansukh Mandaviya) ने लोकसभा में बताया था कि नेशनल टेक्नीकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन (NTAGI) और नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 (NEGVAC) बूस्टर डोज पर विचार कर रहे हैं.