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क्या कोरोना से बे​हतर ढंग से निपट रहे हैं भारत के पड़ोसी देश?

अगर वास्तविक संख्या के लिहाज से देखें तो भारत उन देशों में है जहां केसों की संख्या सबसे ज्यादा है. अगर भारत के पड़ोसी देशों पर नजर डालें तो भारत की खराब हालत और साफ हो जाती है.

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कोरोना वायरस की जांच
कोरोना वायरस की जांच
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पड़ोसी देशों की तुलना में भारत की हालत खराब
  • भारत में अब तक करीब 55 लाख से ज्यादा केस
  • पाकिस्तान ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को भ्रमित कर दिया

भारत में अब तक कोरोना वायरस के 55 लाख से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं. केस की संख्या के मामले में भारत पहले ही ब्राजील को पीछे छोड़ चुका है और अब दुनिया का दूसरा ऐसा देश है जहां कोरोना के सबसे ज्यादा कन्फर्म केस हैं. अब तक देश में कुल 87,000 मौतें हो चुकी हैं जो दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा संख्या है.

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अगर वास्तविक संख्या के लिहाज से देखें तो भारत उन देशों में है जहां केसों की संख्या सबसे ज्यादा है. अगर भारत के पड़ोसी देशों पर नजर डालें तो भारत की खराब हालत और साफ हो जाती है.

भारत में खराब हालात

दक्षिण ए​शिया में भारत सबसे बड़ा देश है, जहां 1.3 अरब से ज्यादा आबादी रहती है. वहीं पाकिस्तान में 22.1 करोड़ और बांग्लादेश में 16.5 करोड़ आबादी है जो कि भारत से बहुत कम है. जैसा कि उम्मीद की जा रही थी, भारत में अब तक करीब 55 लाख से ज्यादा केस दर्ज किए जा चुके हैं. ये संख्या बांग्लादेश और पाकिस्तान के करीब तीन लाख केस से काफी ज्यादा है.

एशियाई देशों में भारत ऐसा देश है जहां पर सबसे ज्यादा केस हैं. एशिया क्षेत्र के सबसे छोटे देश मालदीव को छोड़कर किसी भी दक्षिण एशियाई देश की तुलना में भारत में प्रति दस लाख लोगों पर सबसे ज्यादा केस हैं. हालांकि, भारत दूसरे दक्षिण एशियाई देशों की तुलना में अपनी जनसंख्या के अनुपात में ज्यादा टेस्ट भी कर रहा है.

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अगर मृत्यु दर के मामले में देखें तो पूरे एशिया में मालदीव को छोड़कर भारत में प्रति दस लाख की जनसंख्या पर मृत्यु दर भी सबसे ज्यादा है. कुल मौतों की संख्या भारत में काफी ज्यादा है, लेकिन मृत्यु दर की बात करें तो पाकिस्तान में ये  भारत से ज्यादा और बांग्लादेश में भारत से कम है.

पाकिस्तान ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को भ्रमित कर दिया है. यहां सार्वजनिक सुविधाओं की क्षमता कमजोर है, लोगों की आय कम है, बड़े शहरों में घनी आबादी है. माना जा रहा था कि यहां महामारी प्रकोप बेकाबू हो सकता है. लेकिन शुरुआत में केसों में तेजी के बाद पाकिस्तान में कोरोना का ग्राफ तेजी से नीचे आया. अप्रैल की शुरुआत तक भारत की तुलना में पाकिस्तान में ज्यादा केस थे. लेकिन जून के मध्य तक पाकिस्तान में महामारी का पीक दर्ज किया गया. बांग्लादेश में भी इसके तीन हफ्ते बाद पीक दर्ज किया गया. फिलहाल पाकिस्तान में हर दिन एक हजार से कम केस दर्ज हो रहे हैं. 

भारत में बढ़ता कोरोना ग्राफ

कोरोना फैलने से रोकने के लिए कई राज्यों और स्थानीय प्रशासन ने फिर से प्रतिबंध लागू किए हैं. भारत में 1 सितंबर को अनलॉक 4 लागू हुआ था, जिसका ये आखिरी हफ्ता चल रहा है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के मुताबिक, भारत ने दुनिया में सबसे सख्त लॉकडाउन लागू किया था. अगस्त के अंत तक भारत सरकार की कार्रवाई एशिया क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में ज्यादा सख्त रही.

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अब दक्षिण एशिया के ऐसे देश जहां पर केस काफी कम हैं, सब कुछ खोला जाने लगा है. अगस्त के दूसरे पखवाड़े में दक्षिण एशियाई देशों की सरकारों ने कोरोना नीतियों में बदलाव किया... इस दौरान, अफगानिस्तान, श्रीलंका और पाकिस्तान ने लॉकडाउन के कई नियमों को वापस ले लिया, जबकि बांग्लादेश, भारत और नेपाल ने नए उपायों को लागू किया. श्रीलंका ने अपने सभी विश्वविद्यालयों को फिर से खोल दिया, जबकि अफगानिस्तान ने स्कूल खोल दिए... पाकिस्तान के राज्यों ने रेस्टोरेंट, खेल गतिविधियों और सार्वजनिक परिवहन को फिर से खोल दिया. इसी दौरान भारत में "अनलॉक 3" का दौर चल रहा था और तेजी से बढ़ते ​केस के बीच केंद्र सरकार राज्यों को सामान की सप्लाई के लिए सीमाएं खोलने के लिए राजी करने में लगी थी.

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