कोरोना संकट के बीच स्वाइन फ्लू ने पश्चिम बंगाल सरकार की चिंता बढ़ा दी है. पश्चिम बंगाल में 60 से ज्यादा स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं. कोरोना वायरस जैसे लक्षणों वाले स्वाइन फ्लू की वजह से बंगाल का संकट बढ़ गया है. कोलकाता नगर निगम के सूत्रों ने बताया कि चिंता की बात इसलिए है क्योंकि रोजाना मामले बढ़ रहे हैं.
इस मुद्दे पर हाल ही में एक विस्तृत फेसबुक पोस्ट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लिखा, “पूरे बंगाल में सांस की बीमारी (SARI) और इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) के मामलों की पहचान करने के लिए पिछले एक महीने से बड़े पैमाने पर डोर-टू-डोर निगरानी जारी है.”
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मुख्यमंत्री ने लिखा कि विशेष रूप से प्रशिक्षित 60 हजार आशा और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने पिछले 4 हफ्तों से बिना रुके सर्वे का काम किया है. यह निगरानी हमें शुरुआती संकेत देती है और COVID-19 से लड़ने में एक महत्वपूर्ण सक्रिय कदम है. मुख्यमंत्री ने बताया कि ऐसे मामलों की पहचान करने के लिए 7 अप्रैल से 3 मई के बीच 5.57 करोड़ से अधिक घरों का दौरा किया जा चुका है.
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ममता बनर्जी ने लिखा, “सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित 872 मामलों और इन्फलूएंजा जैसी बीमारी से पीड़ित 91,515 मामलों की पहचान की गई है. उन सभी को आवश्यक स्वास्थ्य सलाह दी गई है. 375 लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है. इनमें से 62 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.”
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ममता बनर्जी, हालांकि पूरी स्थिति से निपटने को लेकर आश्वस्त हैं. उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "निगरानी के प्रयास जारी हैं और हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हम एक साथ बंगाल में कोरोना को नहीं हरा देंगे." वहीं बीजेपी ने ममता सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है.