कोरोना के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे 58 साल के मरीज को एयर एम्बुलेंस के जरिए कोलकाता के अस्पताल से चेन्नई के एक अस्पताल ले जाया गया. ये मरीज वेंटिलेटर पर था.
इस मरीज को कोलकाता से चेन्नई ले जाने के लिए विशेष रूप से बने जर्मन आइसोलेशन पॉड का इस्तेमाल किया गया. 58 साल का ये कोरोना संक्रमित शख्स डायबिटीज का मरीज था और कोरोना संक्रमण की वजह से फेफड़ों में अत्यधिक संक्रमण हो गया था. डॉक्टरों की सलाह पर नाजुक अवस्था में ही कोलकाता से चेन्नई ले जाया गया. इस शख्स को 27 दिन पहले कोरोना हुआ था.
इस व्यक्ति को कोलकाता से चेन्नई ले जाने के लिए ICATT Kyathi एयर एम्बुलेंस की सेवा ली गई. इस कंपनी का कहना है कि उन्होंने पहली जर्मन आइसोलेशन पॉड में गंभीर रूप से बीमार किसी मरीज का एयर ट्रांसफर किया है. एयर एम्बुलेंस में इस मरीज के साथ ICATT के डॉक्टर शामिल थे, इनमें कार्डिक स्पेशलिस्ट और पैरामेडिक्स भी शामिल थे.
ICATT की संस्थापक और निदेशक डॉ शालिनी नलवाड़ ने कहा कि मरीज बहुत ही क्रिटिकल हालत में था, वो वेंटिलेटर पर था, इसके अलावा उसके फेफड़ों में काफी दिक्कत थी, इसलिए हमें इस दौरान काफी एहतियात बरतनी पड़ी. हमारी टीम में ऐसे डॉक्टर हैं जो एयरो मेडिसिन में दक्ष हैं.
इस टीम ने मात्र 3 घंटे में कोलकाता के अस्पताल से पेशेंट को निकाला और एयर एम्बुलेंस के जरिए उसे चेन्नई लेकर आए और यहां अस्पताल में शिफ्ट कर दिया. मरीज का अभी चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है.
सबसे पहले एक ग्रीन कॉरिडोर के जरिए 30 मिनट में मरीज को कोलकाता के अस्पताल से एयरपोर्ट लाया गया, यहां से 2 घंटे 15 मिनट में एयर एम्बुलेंस चेन्नई एयरपोर्ट पहुंचा. चेन्नई एयरपोर्ट से अस्पताल तक पहुंचने के लिए एक ग्रीन कॉरिडोर फिर से बनाया गया. यहां से 15 मिनट में पेशेंट को चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में भर्ती किया गया.