दिल्ली में कोरोना मरीजों के टेस्ट डाटा से पता चलता है कि कोरोना के लक्षण वाले 11 प्रतिशत ऐसे लोग थे जिनका रैपिड एंटीजन टेस्ट निगेटिव आया था, लेकिन RT-PCR टेस्ट में इनका रिजल्ट कोरोना पॉजिटिव आया. ये डाटा 56862 मरीजों के टेस्ट रिजल्ट से जुड़ा है. 1 से 7 सितंबर के बीच हुए टेस्ट में ये मरीज निगेटिव आए थे.
इन 56862 मरीजों में से 32903 मरीजों का RT-PCR विधि से दोबारा टेस्ट हुआ. इसमें से 3524 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए. ये खुलासा RTI से मिले एक जवाब में हुआ है. बता दें कि RT-PCR टेस्ट को ही कोरोना का गोल्ड स्टैंडर्ड टेस्ट माना जाता है.
बता दें कि सितंबर में स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया था कि कोरोना के लक्षण वाले वैसे लोग जिनका रैपिड एंटीजन नतीजा निगेटिव आया है. उन सभी लोगों का फिर से टेस्ट किया जाए. मंत्रालय ने कहा था कि ये टेस्ट RT-PCR विधि से किए जाएं.
सितंबर में RT-PCR विधि से पॉजिटिविटी रेट 20.97 प्रतिशत था, जबकि इसी दौरान रैपिड एंटीजन टेस्ट से पॉजिटिविटी रेट मात्र 4.77 फीसदी थी.
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इसी तरह से अक्टूबर के महीने में रैपिड एंटीजन टेस्ट का पॉजिटिविटी रेट 4.58 प्रतिशत था जबकि RT-PCR टेस्ट की बात करें तो पॉजिटिविटी रेट 16.76 प्रतिशत था.
अक्टूबर में 24737 लोगों का दोबारा RT-PCR टेस्ट किया गया था. इसमें 2300 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे.
अगर नवंबर महीने की बात करें तो 1 नवंबर से 7 नवंबर के बीच RT-PCR टेस्ट की पॉजिटिविटी रेट 27.2 फीसदी थी जबकि रैपिड एंटीजन टेस्ट का पॉजिटिविटी रेट 8.16 प्रतिशत था. इस अवधि में 3569 लोगों का रैपिड एंटीजन टेस्ट कराने के बाद दोबारा RT-PCR टेस्ट करवाया गया, इसमें 2300 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले.