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NCR में वैक्सीन के लिए मारामारी, कहीं स्लॉट नहीं मिल रहे तो कहीं स्लॉट के बावजूद लौटाए जा रहे लोग

दिल्ली-एनसीआर में हालात यह हैं कि कई जगह पर लोगों को अप्वाइंटमेंट नहीं मिल पा रहा है, जिन किस्मत वालों को अप्वाइंटमेंट मिल रहा है, उनमें से कई लोगों को बेरंग ही वापस लौटना पड़ रहा है.

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नोएडा के वैक्सीनेशन सेंटर पर लगी लाइन (फोटो-PTI)
नोएडा के वैक्सीनेशन सेंटर पर लगी लाइन (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दादरी के वैक्सीनेशन सेंटर के ग्राउंड रिपोर्ट
  • रजिस्ट्रेशन के बाद भी कई लोगों को वापस लौटाया गया

कोरोना से लड़ाई के लिए देश में वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है. अब 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन की डोज दी जा रही है. हालांकि, वैक्सीन की शार्टेज की वजह से कई जगह पर अभी भी वैक्सीनेशन शुरू नहीं हो पाया है और जहां शुरू हो पाया है, वहां बदइंतजामी इतनी है कि अप्वाइंमेंट के बावजूद लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है.

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दिल्ली-एनसीआर में हालात यह हैं कि कई जगह पर लोगों को अप्वाइंटमेंट नहीं मिल पा रहा है, जिन किस्मत वालों को अप्वाइंटमेंट मिल रहा है, उनमें से कई लोगों को बैरंग ही वापस लौटना पड़ रहा है. दादरी एनटीपीसी के वैक्सीनेशन सेंटर से 10 मई को 9 लोगों को वापल लौटा दिया गया, जबकि उनके पास CoWin रजिस्ट्रेशन और अप्वाइंमेंट लेटर था.

आजतक ने जब वैक्सीनेशन अफसर विक्रम सिंह से बात की तो उनका कहना है कि CoWin अप्वाइंटमेंट लिस्ट में इनका नाम नहीं है. इसी सेंटर पर वैक्सीनेशन कराने पहुंचे 45 वर्षीय पूनम शर्मा और 44 वर्षीय गौरव कुमार ने कहा कि हम CoWin से ही आज के दिन का अप्वाइंमेंट मिला, लेकिन अफसर कह रहे हैं कि उनका नाम नहीं है.

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वाली पूनम टीचर हैं और गौरव एक कंपनी में काम करते हैं. इन दिनों दोनों वर्क फ्रॉम होम के जरिए ही काम कर रहे हैं. पूनम और गौरव के अलावा कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने CoWin से अप्वाइंमेंट लिया, लेकिन जब सेंटर पहुंचे तो पता चल रहा है कि उनका अप्वाइंमेंट लिस्ट में नाम ही नहीं है.

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दादरी एनटीपीसी के वैक्सीनेशन सेंटर के अफसर से जब हमने बात की तो उन्होंने कहा कि अभी हम 18 साल से अधिक लोगों को टीका लगा रहे हैं, जब हमने कहा कि कई लोग 18 साल से अधिक उम्र के हैं और उन्हें वैक्सीन नहीं दी जा रही है तो वैक्सीनेशन कर रहे अफसर ने कहा कि हमें ऊपर से बिना ऐप रजिस्ट्रेशन वालों को वैक्सीन नहीं लगाने का आदेश है.

हमने जब यह मसला ब्लॉक स्तर के अधिकारी संजीव सारस्वत के सामने उठाया तो उन्होंने कहा, 'यह कोई गलती नहीं है, मैं आपको जिला चिकित्सा अधिकारी का नंबर दे सकता हूं, आप उनसे बात कर सकते हैं, मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता हूं, मैं एक ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारी हूं.

जिन लोगों को वैक्सीनेशन सेंटर से वापस लौटाया जा रहा है, उन्हें चिकित्सा अधिकारी का नंबर दिया जा रहा है, ताकि वह भविष्य में अपने स्लॉट को लेकर बात कर सके. दादरी एनटीपीसी सेंटर में हर रोज 130-150 लोगों को वैक्सीन लगाने की क्षमता है, यहां वैक्सीन की बर्बादी भी बहुत हो रही है.

कह ही गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के कई वैक्सीनेशन सेंटर पर जबरदस्त भीड़ इकट्ठा हो गई थी. भीड़ को कंट्रोल में करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी थी. ऐसा ही हाल दिल्ली में भी कई जगह देखने को मिला था. दिल्ली में कई वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन ही खत्म हो गई थी. इस वजह से लोगों को वापस लौटना पड़ा था.

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(रिपोर्ट- बिपाशा मुखर्जी)

 

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