scorecardresearch
 

छत्तीसगढ़ में सबसे तेजी से फैल रहा कोरोना, 15 दिन में दोगुने हो रहे केस, जून में हर दिन 100 केस भी नहीं थे

तीन करोड़ से ज्यादा जनसंख्या वाले छत्तीसगढ़ में जून तक हर दिन कोरोना के 100 केस भी नहीं आ रहे थे. लेकिन अब यहां हर दूसरे दिन 1,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ मुख्य रूप से एक ग्रामीण राज्य है. राज्य की राजधानी रायपुर महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है.

Advertisement
X
देश में कोरोना के मामले अनियंत्रित रफ्तार से बढ़ रहे हैं
देश में कोरोना के मामले अनियंत्रित रफ्तार से बढ़ रहे हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गुरुवार को कोरोना के कुल 1,108 नए केस दर्ज हुए
  • राज्य में कोरोना से मौतों का आंकड़ा 245 हो गया है
  • प्रदेश में जून तक हर दिन 100 केस भी नहीं आ रहे थे

छत्तीसगढ़ में गुरुवार को कोरोना के कुल 1,108 नए केस दर्ज हुए और 14 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक डॉक्टर भी शामिल है. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में कोरोना के कुल केसों की संख्या 25,658 पहुंच गई है, जबकि मौतों का आंकड़ा 245 हो गया है. कुछ समय पहले तक भारत में बड़े पैमाने पर कोरोना महामारी शहरों को अपने चपेट में लिए हुए थी. लेकिन अब ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि कोरोना कस्बों, देहातों और छोटे शहरों में तेजी से फैल रहा है, जो इससे निपटने के लिए तैयार नहीं हैं.

Advertisement

covid19india.org की ओर से जुटाए गए राज्य के हेल्थ बुलेटिन के आंकड़ों से पता चलता है कि बुधवार, 26 अगस्त, 2020 को छत्तीसगढ़ भारत का ऐसा राज्य बन गया जहां कोरोना सबसे तेजी से फैल रहा है. छत्तीसगढ़ में कोरोना केस दोगुना होने की दर 15 दिन हो गई है.

अगर छत्तीसगढ़ की तुलना दिल्ली से करें तो फिलहाल छत्तीसगढ़ पर केस का बोझ काफी कम है. अभी यहां 25,000 से कुछ ज्यादा केस हैं. दिल्ली की जनसंख्या छत्तीसगढ़ से काफी कम है, लेकिन केस छह गुना अधिक हैं. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को कुल कोरोना केसों की संख्या 1,67,604 हो गई. लेकिन छत्तीसगढ़ में जिस तेजी से कोरोना संक्रमण में उछाल आया है, वह बेहद चिंताजनक है.

तीन करोड़ से ज्यादा जनसंख्या वाले छत्तीसगढ़ में जून तक हर दिन 100 केस भी नहीं आ रहे थे. लेकिन अब यहां हर दूसरे दिन 1,000 से ज्यादा दर्ज किए जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ मुख्य रूप से एक ग्रामीण राज्य है. राज्य की राजधानी रायपुर महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है. हालांकि, अन्य जिलों में भी चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है.

Advertisement

छत्तीसगढ़ ने टेस्टिंग में धीरे-धीरे वृद्धि की है, लेकिन अब पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश की तुलना में ज्यादा टेस्ट कर रहा है और यहां टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 5% से कम है. हालांकि, इन टेस्ट की बढ़ती संख्या का कारण रैपिड एंटीजन टेस्ट है, जो कि सस्ता, कम संवेदनशील है. इसका रिजल्ट उतना भरोसेमंद नहीं है, हालांकि इसमें समय कम लगता है.

यह स्पष्ट नहीं है कि कि क्या छत्तीसगढ़ कोरोना केसों में आए इस नये उछाल को नियंत्रित करने के लिए तैयार है या नहीं. राज्य में मंगलवार से  विधानसभा सत्र शुरू हुआ. विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों को कोरोना टेस्ट कराने का निर्देश जारी किया था, लेकिन विधायकों के विरोध के बाद उसे वापस ले लिया गया. बुधवार को सत्र के दौरान दबाव के चलते सरकार को ये बताना पड़ा कि राज्य के क्वारनटीन सेंटरों में आत्महत्या, बिजली और सांप काटने से 26 लोगों की मौत हुई है.

Advertisement
Advertisement