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एक एम्बुलेंस-चार लाशें...क्या गांधीनगर में छुपाई जा रही कोरोना से मौतें?

अगर ये तस्वीर सही है तो सवाल उठता है कि क्या इतने लोगों की मौत हो रही है कि एंबुलेंस कम पड़ गई. क्या राज्य सरकार कोरोना से मरने वालों के आंकड़ों को छुपा रही है.

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एक ही एंबुलेंस में चार शव के बाद हड़कंप
एक ही एंबुलेंस में चार शव के बाद हड़कंप
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गुजरात में कोरोना के 2 लाख से ज्यादा मामले
  • एक ही एंबुलेंस में रखे गए चार शव
  • तस्वीर वायरल होने के बाद जांच के आदेश

गुजरात की राजधानी गांधीनगर की एक तस्वीर वायरल हो रही है. वायरल फोटो में एक ही एंबुलेंस में चार शवों को देखा जा सकता है. चारों शव कोरोना मरीजों के हैं. बताया जाता है कि शवों को एक साथ श्मशान गृह ले जाया गया.

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अगर ये तस्वीर सही है तो सवाल उठता है कि क्या इतने लोगों की मौत हो रही है कि एंबुलेंस कम पड़ गई. क्या राज्य सरकार कोरोना से मरने वालों के आंकड़ों को छुपा रही है. तस्वीर के वायरल होने के बाद उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने जांच के आदेश दे दिए हैं. 

वहीं, चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आ रही है. कोरोना से मरने वालों की जो संख्या गुजरात स्वास्थ्य विभाग बता रहा है वो सही या फिर श्मशान गृह से जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वो. क्योंकि इन दोनों के आंकड़ों में जमीन-आसमान का फर्क है.
गुजरात के दो प्रमुख शहर अहमदाबाद और गांधीनगर में पिछले कुछ दिनों से दर्ज मौत का आंकड़ा एक अलग वास्तविकता दिखाता है.

अहमदाबाद में 25 नवंबर को कोरोना से मरने वाले कुल 90 लोगों का अलग-अलग श्मशान गृहों में अंतिम संस्कार किया गया था. नगर निगम की ओर से जो आंकड़े दिए गए थे उसमें सिर्फ 9 लोगों की मौत बताया गया. अहमदाबाद में आज स्थिति ये है कि श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है.

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गांधीनगर में भी स्थिति ऐसी ही है. सेक्टर -30 में मौजूद श्मशान गृह में पिछले 10 दिनों में यानी 16 से 26 नवंबर के बीच 118 दाह संस्कार किए गए हैं. गांधीनगर नगर निगम के डायरी में सिर्फ 22 की मौत दिखाई गई है.

विपक्ष के निशाने पर सरकार

गुजरात में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर राज्य सरकार विपक्ष के भी निशाने पर है. राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि तीन महीने पहले गुजरात में हर दिन कोरोना के मरीजों की संख्या 1850 आती थी और आज भी 1850 मरीजों के आंकड़े जनता के सामने रखे जाते हैं तो फिर तीन महीने पहले कर्फ्यू या लॉकडाउन क्यों नहीं किया. अभी ऐसा क्या है कि कर्फ्यू और रात्रि लॉकडाउन किया जा रहा है. आंकड़े गलत हैं या फिर सरकार.

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बता दें कि गुजरात में कोरोना संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए राज्य के कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है.  सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद और राजकोट में नाइट कर्फ्यू लागू है. अहमदाबाद के साथ सूरत, वडोदरा और राजकोट में सुबह 6 बजे तक दूध और दवाई को छोड़कर सभी दुकानें बंद रहेंगी.

गुजरात में कोरोना के 2 लाख से ज्यादा मामले

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गुजरात में कोरोना के 2 लाख 3 हजार 509 केस हैं. इसमें से 14 हजार 429 एक्टिव केस हैं. राज्य में कोरोना से 3 हजार 922 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, अब तक 1 लाख 85 हजार 158 मरीज ठीक हो चुके हैं. 


 

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