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mRNA Covid-19 वैक्सीन के फेज-1 और 2 के क्लिनिकल ट्रायल की मिली अनुमति

Gennova Biopharmaceuticals पुणे स्थित एक फर्म है, जो HDT बायोटेक कॉर्पोरेशन (यूएसए) के साथ मिलकर वैक्सीन विकसित कर रही है. क्लिनिकल ट्रायल के लिए सशर्त मंजूरी सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी (एसईसी) की सिफारिश के बाद दी गई थी.  

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कोरोना वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में काम चल रहा है (फाइल फोटो)
कोरोना वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में काम चल रहा है (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कंपनी को DCGI ने सशर्त स्वीकृति दे दी है
  • SEC के मूल्यांकन के बाद मिली अनुमित
  • Gennova Biopharmaceuticals बना रही है वैक्सीन

ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत के पहले mRNA Covid-19 vaccine candidate --HGCO19-- के फर्स्ट एंड सेकंड फेज के क्लिनिकल ट्रायल के लिए सशर्त स्वीकृति दे दी है. इसे Gennova Biopharmaceuticals द्वारा बनाया जा रहा है. 

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Gennova Biopharmaceuticals पुणे स्थित एक फर्म है, जो HDT बायोटेक कॉर्पोरेशन (यूएसए) के साथ मिलकर वैक्सीन विकसित कर रही है. क्लिनिकल ट्रायल के लिए सशर्त मंजूरी सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी (एसईसी) की सिफारिश के बाद दी गई थी. SEC द्वारा मूल्यांकन के बाद डीसीजीआई ने क्लिनिकल ट्रायल के लिए अपनी स्वीकृति दी. 

सीरम और भारत बायोटेक को करना होगा इंतजार

सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी (एसईसी) ने कहा है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) और भारत बायोटेक को कोरोना वैक्सीन को लेकर अभी और अधिक डेटा जमा कराने की आवश्यकता है. जबकि तीसरी कंपनी फाइजर के बारे में एसईसी की ओर से कहा गया है कि इस कंपनी ने प्रजेंटेशन के लिए और समय मांगा है. 

सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी (एसईसी) ने ईयूए यानी वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति को लेकर बैठक की जिसके बाद एसईसी ने सुझाव देते हुए कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक दोनों को भारत में वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए अनुमति हासिल करने को लेकर और अधिक डेटा जमा करने की आवश्यकता है. यह अनुमोदन एसईसी के साथ नहीं बल्कि ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के साथ है.
 

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