देश में कोरोना के मामलों की रफ्तार में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है. उत्तर प्रदेश में भी कोविड केस तेजी से बढ़ रहे हैं. कानपुर में हुई जलनिगम इंजीनियर की मौत ने प्रशासन की पोल खोलकर रख दी थी. कानपुर के कांशीराम अस्पताल में इंजीनियर की बेटी अपने पिता की मौत के बाद जिलाधिकारी के कदमों में गिर गई थी.
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अब कांशीराम अस्पताल में लापरवाही को देखते हुए एसके पांडे को सीएमएस पद से हटा दिया गया है. देर रात सूबे के मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी कानपुर मेट्रो के कार्यक्रम में आए थे इस दौरान ही उन्होंने सीएमएस को हटाने के आदेश दे दिए, जिसके बाद एसके पांडे को सीएमएस पद से हटाकर साधारण डॉक्टर की सेवा दे दी गई है.
इंजीनियर की मौत के बाद हुआ था बवाल
गौरतलब है कि इंजीनियर पिता की मौत पर बदहवास अलका दुबे कानपुर के डीएम ब्रह्मदत्त तिवारी के पैरों में पड़ गई थी. अलका दुबे का आरोप था कि कांशीराम ट्रामा कोरोना हॉस्पिटल में उनके पिता के इलाज में घोर लापरवाही की गई है. जिसकी वजह से उनकी हालत बिगड़ी और फिर वक्त पर वेंटिलेटर नहीं मिलने से उनकी मौत हो गई. इस बेटी के पिता राजीव दुबे जल संस्थान में इंजीनियर थे. पहले उनके जीएम को कोरोना हुआ फिर उनसे कई कर्मचारियों को. उन्हीं में एक उनके पिता थे.
कानपुर: कोरोना से हुई इंजीनियर पिता की मौत, डीएम के पैरों में गिरी बेटी
अलका का आरोप था कि जीएम साहब को इलाज की बढ़िया सुविधा मिली लेकिन उनके पिता के इलाज में व्यवस्था आड़े आ गई. बाद में कोरोना टेस्टिंग में मृतक इंजीनियर के दोनों बेटे और पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.