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कोरोना महामारी में कश्मीर के बांदीपोरा के गांव में रहने वाले 60 साल के मोहम्मद इस्माइल मीर ने घर पर रह कर ऑटोमेटिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का प्रोटोटाइप तैयार किया है. मीर का कहना है, “मुझे इस प्रोटोटाइप को बनाने में 20 दिन लगे. ये किसी भी अन्य ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की तरह ही काम करता है. ये स्वत ही ऑक्सीजन देता है और उसमें कोई ब्लॉकेज आता है तो उसे दूर करता है.”
समान है कार्यप्रणाली
जब मीर से पूछा गया कि उनका प्रोटोटाइप कितने मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन दे सकता है तो इस पर मीर ने कहा, “ये इस्तेमाल किए गए कंप्रेसर पर निर्भर करेगा. अगर एक ही व्यक्ति के लिए इस्तेमाल करना है तो ये कंप्रेसर छोटे साइज का होगा. अगर अधिक लोगों ने इस्तेमाल करना है तो उसी के हिसाब से पार्ट्स का इस्तेमाल होगा. बाकी सारी कार्यप्रणाली समान है.”
बेहद कम है कीमत
मीर के मुताबिक उनके बनाए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर प्रोटोटाइप की कीमत 10 हजार से 15 हजार रुपए के बीच रहेगी. मीर को उम्मीद है कि उनके प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए कोई उनका साथ देने जरूर आगे आएगा. मीर के मुताबिक अगर उनके कम दाम वाले कंसट्रेटर का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है तो इससे बड़ी संख्या में लोगों को लाभ होगा.
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12वीं तक की पढ़ाई
मीर सिर्फ 12 वीं कक्षा तक पढ़े हैं. घर की आर्थिक दिक्कतों की वजह से उन्हें पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी, लेकिन उनकी शुरुआत से विज्ञान में दिलचस्पी रही. उन्हें नई चीजें बनाने का हमेशा शौक रहा. आसपास के लोग मीर के इस शौक को देखते हुए उन्हें ‘न्यूटन’ के नाम से बुलाते हैं.
ऑटोमेटिक वेंटिलेटर भी किया था तैयार
कोविड-19 की पहली लहर के दौरान मीर ने ऑटोमेटिक वेंटिलेटर का प्रोटोटाइप तैयार किया था. 2008 में मीर ने मोशन सेंसर वाली लालटेन को डिजाइन किया था, जो मूवमेंट होने पर खुद ऑन हो जाती थी. इसमें आग और धुआं होने की स्थिति में अपने आप अलॉर्म भी बज उठता था.