दिल्ली में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के साथ ही ऑक्सीजन की किल्लत होने लगी. ऐसे में कालाबाजारी कराने वाले हावी हो गए. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की बड़े स्तर पर कालाबाजारी की गई. जिस ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत 20 से 22 हजार थी, उसे 50 से 70 हजार रुपये में बेचा गया. एक अनुमान के मुताबिक इस मामले के मुख्य आरोपी नवनीत कालरा और लंदन की कंपनी ने मिलकर 40 करोड़ से ज्यादा के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचे हैं. इस मामले में पुलिस और भी सबूत जुटाने का प्रयास कर रही है.
नवनीत कालरा एक चर्चित व्यवसायी हैं, जो दयाल ऑप्टिकल्स और खान चाचा, नेगे एंड जू और टाउन हॉल रेस्ट्रो बार और मिस्टर चाउ से जुड़े हुए हैं. जानकारी के मुताबिक, नवनीत कालरा ही इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाइंड है. कालरा की तलाश में दिल्ली पुलिस छापेमारी कर रही है.
पुलिस के अनुसार नवनीत कालरा और विदेश मे बैठा मेट्रिक सेलुलर का मालिक गगन दुग्गल पिछले साल अक्टूबर से लेकर अब तक करीब 7 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ब्लेक कर चुके हैं. इनवॉइस के अनुसार एक कंसंट्रेटर को इम्पोर्ट करने में इन्हें महज 20 से 22 हजार रुपये का खर्च पड़ता था, ये लोग इसे 50 से 70 हजार रुपये में बेचते थे.
क्राइम ब्रांच करेगी जांच
इस पूरे मामले में जिस तरह परतें खुल रही हैं, उससे कई और बड़े चेहरों से पर्दा उठ सकता है. इसे लेकर इस पूरे मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. इस मामले के मास्टर माइंड नवनीत कालरा की तलाश की जा रही है, तो वहीं पुलिस उसके बैंक एकाउंट को भी खंगाल रही है, जिसमें ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचकर पैसा जमा किया गया. एक अनुमान के मुताबिक दोनों ने मिलकर करीब 40 करोड़ से ज्यादा के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचे हैं.
पुलिस अधिकारी ने क्या कहा
डीसीपी अतुल ठाकुर के अनुसार नवनीत कालरा के ठिकानों पर छापेमारी जारी है. आरोपी हितेश की निशानदेही पर टीम ने खान मार्केट स्थित टाउन हॉल रेस्टोरेंट से 9 और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बरामद किए. वहीं खान चाचा रेस्टोरेंट से 96 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जब्त किए गए. जांच के दौराना पाया गया कि ये बार और रेस्टोरेंट नवनीत कालरा के हैं.
इस मामले में लॉधी कॉलोनी में मामला दर्ज किया गया और जांच की गई. इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ के दौरान आरोपी सतीश, विक्रांत और गौरव ने खुलासा किया कि वे एक ही कंपनी में काम करते थे. महामारी के दौरान बाजार में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कमी होने पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और मास्क का आयात किया, फिर इसकी कालाबाजारी शुरू की गई.