कोरोना वायरस को मात देने के लिए देश में अलग-अलग तरह के इलाज किए जा रहे हैं. कोरोना के इलाज में कारगर बताए जाने वाली मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल (MAC) थेरेपी का इस्तेमाल अब भारत में भी शुरू हो गया है और इसके शुरुआती नतीजे राहत देने वाले आए हैं.
BLK-मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के सीनियर डॉक्टर डॉ. संदीप नायर ने कोरोना के दो मरीज़ों को मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल (MAC) थेरेपी दी थी. इस थेरेपी के नतीजों के बारे में अब डॉ. संदीप नायर ने अपनी बात रखी है.
डॉक्टर के मुताबिक, दो कोविड पॉजिटिव मरीजों पर डॉ. इस थेरेपी को अपनाया गया. जब इनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई उसके तीन दिन बाद इन्हें थेरेपी दी गई. फिर 8 दिन इन दोनों मरीजों का RT-PCR टेस्ट किया गया, जो कि कोविड नेगेटिव आया.
डॉक्टर ने बताया कि इस थेरेपी से कोविड मरीजों की रिकवरी बेहद जल्दी हुई है, वो भी उन मरीजों की जो सीनियर सिटीजन हैं और अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं.
कॉकटेल थेरेपी के इतने शानदार नतीजों को लेकर डॉक्टर डॉ. संदीप नायर ने कहा कि इसे हम गेम चेंजर मान सकते हैं. स्टडी में पहले ही दावा किया जा चुका है कि ये थेरेपी लेने वाले 80 फीसदी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती है. अगर कोविड पॉजिटिव होने के बाद पहले हफ्ते में ही ये दिया जाए तो रिकवरी जल्दी हो सकती है.
गौरतलब है कि हाल ही में भारत में मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल (MAC) थेरेपी की इजाजत दी गई थी. इसके तहत कोविड मरीजों को दो दवाइयों कासिरिविमाब (Casirivimab) और इम्देवीमाब (Imdevimab) का मिक्सचर दिया जाता है. इस दवाई को देने में 20-30 मिनट का वक्त लगता है, लेकिन ये कारगर साबित होती है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी ये थेरेपी दी गई थी.