बिहार की राजधानी पटना से 70 किलोमीटर दूर मुजफ्फरपुर में भी कोरोना वायरस संक्रमण काफी तेजी से पैर पसार रहा है, जिससे इस बात को बल मिल रहा है कि अब यह बीमारी ग्रामीण इलाकों में भी फैलती जा रही है. राज्य के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज को सरकार ने कोरोना हॉस्पिटल के रूप में घोषित कर दिया है, लेकिन यहां के हालात मरीजों के साथ उनके परिजनों को भी डरा रहे हैं.
इंतजार करते नजर आए लोग
राज्य के सबसे बड़े मुजफ्फरपुर स्थित श्री कृष्ण मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को सरकार ने कोविड हॉस्पिटल घोषित कर दिया है. यहां पर बड़ी संख्या में कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है. इस हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं को देखने के लिए आजतक की टीम सोमवार को मुजफ्फरपुर पहुंची, तो पाया कि लगातार अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों का आना जारी था, जिसकी वजह से एक-एक मरीज को काफी इंतजार करना पड़ रहा था.
शिकायत करते नजर आए लोग
मुजफ्फरपुर में कोरोना वायरस संक्रमण से हालात इतने बुरे हैं कि पिछले 48 घंटे में यहां 51 संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है. मुजफ्फरपुर प्रशासन के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में जिले में 291 संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं. वहीं जिले में अब भी संक्रमित मरीजों की संख्या 5256 है.आजतक की टीम जब अस्पताल पहुंची तो लोगों का दर्द सामने आया. उन्होंने अस्पताल के कोरोना वार्ड में अव्यवस्था को लेकर शिकायत की.
एचसी ने लगाई फटकार
वहीं बिहार में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को लेकर पटना हाई कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है. हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या बिहार में लॉकडाउन लगेगा या नहीं? सरकार की ओर से उचित जवाब न मिलने पर जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह और जस्टिस मोहित कुमार साह की खंडपीठ ने सरकार के काम को total failure बताया. कोर्ट ने सरकार से मंगलवार तक स्पष्ट जवाब देने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि राज्य के अंदर संक्रमण बेकाबू है और सरकार सही तरीके से जवाब तक नहीं दे पा रही.