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निर्मला सीतारमण बोलीं- इसरो की सुविधाओें का प्रयोग कर सकेंगी प्राइवेट कंपनियां

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों को मौका दिया जाएगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो की सुविधाओें का प्रयोग भी निजी कंपनियां कर पाएंगी.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो-PTI)
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो-PTI)

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  • अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों को मिलेगा मौका
  • सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 8100 करोड़ का ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों को मौका दिया जाएगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की सुविधाओें का प्रयोग भी निजी कंपनियां कर पाएंगी. सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 8100 करोड़ रुपये का ऐलान किया गाय है. बिजली क्षेत्र में सब्सिडी डीबीटी के जरिए दी जाएगी. कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लॉकडाउन की वजह से आर्थिक नुकसान से निपटने के लिए पीएम मोदी के 20 लाख करोड़ के पैकेज पर चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह जानकारी दी.

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सुधार करने होंगे. रोजगार और व्यापार बढ़ाने के लिए ढांचागत सुधार करने की जरूरत है. उत्पादों को विश्वनीय बनाना है. भारत में निवेश का अच्छा माहौल है. वित्त मंत्री ने कहा कि क्षेत्रों में आर्थिक सुधार किए जा सकते हैं.

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निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़े सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे अस्त्रों ,प्लेटफॉर्मों के आयात पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, जिनका निर्माण भारत में आवश्यक मानकों पर हो सकता है. इस प्रतिबंध सूची को हर वर्ष बढ़ाया जाएगा. वित्त मंत्री ने रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की बात करते हुए कहा कि अब इस सेक्टर में विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसदी से 74 फीसदी कर दी गई है. साथ ही ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड का कॉर्पोरेटाइजेशन होगा.

वित्त मंत्री ने बताया कि राज्यों की निवेश की रैकिंग होगी और उसमें देखा जाए कि योजनाएं कितनी आकर्षक हैं. जिन क्षेत्रों में आर्थिक सुधार पर फोकस है उसमें कोयला खनिज, एयरपोर्ट, इसरो और बिजली वितरण हैं.

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निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोयला के क्षेत्र में अभी सरकार का एकाधिकार है, भारत के पास दुनिया का तीसरा बड़ा कोल भंडार है फिर भी बाहर से कोयला मंगाना पड़ता है. वित्त मंत्री ने यह भी जोड़ा कि कोयला पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है इसलिए इससे गैस बनाने पर ज्यादा जोर होगा. सरकार कोयला के क्षेत्र में कमर्शियल माइनिंग की शुरुआत करेगी. इसमें नियमों को और ढील दी जाएगी. इसमें 50 नए ब्लॉकों को तुरंत कमर्शियल माइनिंग के लिए खोला जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि पांच हजार करोड़ रुपये माइनिंग सेक्टर में खर्च किए जाएंगे और खनिज सेक्टर को भी निजी क्षेत्र के लिए खोला जाएगा.

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