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OMICRON की दहशत, MP में लगा नाइट कर्फ्यू, शिवराज बोले- जरूरत पड़ी तो और सख्ती करेंगे

omicron night curfew in Madhya pradesh: देशभर में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश की शिवराज चौहान सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है. ओमिक्रॉन की संभावित लहर को देखते हुए एमपी नाइट कर्फ्यू लगाने वाला पहला राज्य है. एमपी में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा.

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सांकेतिक फोटो
सांकेतिक फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एमपी में नाइट कर्फ्यू का ऐलान
  • रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा कर्फ्यू

Omicron Night Curfew in MP: देशभर में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्यप्रदेश की शिवराज चौहान सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है. ओमिक्रॉन की संभावित लहर को देखते हुए एमपी नाइट कर्फ्यू लगाने वाला पहला राज्य है. एमपी में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा. 

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खास बात ये है कि मध्यप्रदेश में omicron का एक भी केस सामने नहीं आया है. इसके बावजूद मप्र ऐसा कदम उठाने वाला पहला राज्य है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा, संभावना है कि जल्द ही एमपी में omricron के मामले सामने आ सकते हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'हम रात का कर्फ्यू लागू कर रहे हैं रात 11बजे से सुबह 5 बजे तक, जरूरत पड़ने पर और भी उपाय लागू किए जाएंगे. 

भारत में ओमिक्रॉन के 323 केस सामने आए

भारत में ओमिक्रॉन के अब तक 323 केस सामने आ चुके हैं. सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में आए हैं. यहां 65 केस मिले हैं. दिल्ली में 57, तेलंगान में 38, तमिलनाडु में 34, गुजरात में 30, केरल में 29, राजस्थान में 23, ओडिशा में 4, जम्मू कश्मीर में 3, उत्तर प्रदेश में 2, प बंगाल में 2, आंध्र प्रदेश में 2, चंडीगढ़, लद्दाख और हरियाणा में 1-1 केस सामने आया है. 

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ओमिक्रॉन से निपटने के लिए केंद्र ने राज्यों को दिए 5 सुझाव 

1- नाइट कर्फ्यू लगाएं, जमावड़ों पर रोक लगाई जाए, खासकर आने वाले त्योहारों के मद्देनजर. कोरोना के केस बढ़ने पर कंटेनमेंट और बफर जोन का निर्धारण करें. 

2- टेस्टिंग और सर्वेलांस पर विशेष ध्यान दिया जाए. ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, टेस्ट कराए जाएं. डोर टू डोर केस सर्च और आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए. 

3- अस्पतालों में बेड, एंबुलेंस और स्वास्थ्य उपकरण बढ़ाने पर फोकस किया जाए. ऑक्सीजन का बफर स्टॉक बनाया जाए. 30 दिन की दवाओं का स्टॉक बनाएं.  
 
4- लगातार जानकारी दी जाए, ताकि अफवाह न फैले, राज्य रोजाना प्रेस ब्रीफिंग करें.  

5- राज्य 100% वैक्सीनेशन पर फोकस करें. सभी वयस्कों को दोनों डोज सुनिश्चित करने के लिए डोर टू डोर अभियान चलाया जाए. 
 

 

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