Pfizer CEO Albert Bourla on Annuaal Vaccination: ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron Variant) ने जहां पूरी दुनिया में चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं. वहीं अब बड़ा सवाल ये भी है कि क्या जो मौजूदा वैक्सीन हैं, वे इस वायरस पर कारगर होंगे भी या नहीं. इसी बीच वैक्सीन बनाने वाली कंपनी फाइजर के अल्बर्ट बौर्ला (CEO Albert Bourla) ने एक अहम बात कही है.अल्बर्ट बौर्ला ने कहा कि वैक्सीनेशन की हर साल जरूरत पड़ सकती है. उन्होंने बीबीसी से इंटरव्यू में ये बात कही. हालांकि उनका ये इंटरव्यू ओमिक्रॉन वैरिएंट के आने से पहले का है.
अल्बर्ट बौर्ला ने इस इंटरव्यू में कहा, हमें ये जानने की और समझने की जरूरत है कि कई लोगों को जान बचानी है. साथ ही ये समझना है कि दुनिया भर में अरबों रुपये की अर्थव्यवस्था का नुकसान हुआ है. बौर्ला ने कहा कि वैक्सीन की तीसरी डोज (बूस्टर) कब तक असर करेगी, लेकिन ये तय है कि ये 12 महीनों तक अपना असर दिखाएगी.
मैं इस बारे में मैं कह नहीं सकता हूं, पर एक बात जरूर कहना चाहूंगा कि अब हमें हर साल दोबारा वैक्सीनेशन की जरूरत होगी. ताकि बहुत मजबूत और बहुत, बहुत हाईलेवल की वायरस के खिलाफ सुरक्षा हो सके. क्या पांच साल से कम उम्र के बच्चों को वैक्सीन दिया जाना चाहिए या नहीं? इस पर उन्होंने कहा कि हमें और रिसर्च करने होंगे. अभी जो हम डोज दे रहे हैं, वह काफी कम मात्रा की हैं, ऐसे में ये भी सोचना होगा कि क्या कम मात्रा की वैक्सीन डोज के साथ क्या बच्चे सुरक्षित रहेंगे.
इसलिए हमें इस पर नजर रखनी होगी. 8 दिसंबर 2020 को पहली बार फाइजर की वैक्सीन लगाई गई थी. ये वैक्सीन 91 साल की ब्रिटिश महिला को दी गई थी. तब से अब तक 4 करोड़ 60 लाख से अधिक लोगों को फाइजर की वैक्सीन लग चुकी है. इसके बाद दुनिया भर में दूसरी कंपनियों ने वैक्सीन लगाने की शुरुआत की थी. जिनमें एस्ट्राजेनेका, मॉडर्ना, कोवैक्सीन शामिल है
किस तापमान पर रखा जाए वैक्सीन
बीबीसी के साथ अपने इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि फाइजर बायोएनटेक का वैक्सीन (Pfizer-Biontech vaccine) सही मायनों में -70 डिग्री सेल्सियस पर रखा जाना चाहिए. लेकिन अफ्रीका के कई देशों में ये सामने आया है कि वहां कोल्ड स्टारेज की कमी है.