भारत बायोटेक की Covaxin के तीसरे चरण का ट्रायल गुरुवार को दिल्ली स्थित एम्स में शुरू हो गया. एम्स के न्यूरोसाइंसेस सेंटर के चीफ डॉ एमवी पद्म श्रीवास्तव और तीन अन्य वॉलिंटियर को पहली डोज दी गई. बता दें कि भारत बायोटेक इंडियन कंपनी है जो Covaxin के नाम से कोरोना की वैक्सीन पर काम कर रही है. भारत बायोटेक कोरोना की इस वैक्सीन का निर्माण इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के साथ मिलकर कर रही है.
इससे पहले बीते शुक्रवार को Covaxin के तीसरे चरण का ट्रायल हरियाणा के रोहतक में शुरू हुआ. देश में कुल 25 हजार 800 लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल होना है. वैक्सीन की दो डोज होगी. पहली डोज देने के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी. हैदराबाद, गोवा और पीजीआई रोहतक में 200-200 वॉलियंटर्स को पहली डोज के 28 दिन बाद वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी.
2021 की पहली तिमाही में लॉन्च करने का लक्ष्य
भारत बायोटेक ने Covaxin को 2021 की पहली तिमाही में लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है. भारत बायोटेक के प्रेसिडेंट साई प्रसाद ने बताया कि तीसरे चरण में लक्षित परिणाम के बाद इस पर आगे काम किया जाएगा. हम चौथा चरण भी जारी रखेंगे. इसके अलावा यदि हम परीक्षण के अपने अंतिम चरण में मजबूत साक्ष्य के अलावा प्रभावकारी सुरक्षा डेटा स्थापित कर ले गए तो 2021 की पहली तिमाही में वैक्सीन लॉन्च करने का लक्ष्य है.
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साई प्रसाद ने बताया कि कोवैक्सीन कम से कम 60 प्रतिशत प्रभावी होगी. उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ, यूएस एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) और यहां तक कि भारत के सीडीएससीओ ने 50 प्रतिशत प्रभाव की उम्मीद की है. हमने कोवैक्सीन के लिए 60 प्रतिशत लक्ष्य बनाया है.