घंटों तक पीपीई किट पहनकर रखना स्वास्थयकर्मियों के लिए बड़ा जोखिम भरा साबित हो रहा है. रविवार को कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल ले जा रहा एक एंबुलेंस ड्राइवर बेहोश हो गया. पीपीई किट पहने ड्राइवर को उमस भरी गर्मी सहन नहीं हुई. गनीमत यह रही कि ड्राइवर ने समय पर गाड़ी के ब्रेक लगा दिए नहीं तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था. यह मामला उत्तर प्रदेश के मथुरा का है.
एंबुलेंस ड्राइवर के बेहोश होने पर आसपास लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. लोगों ने जल्दी से ड्राइवर की पीपीई किट को फाड़ा और ड्राइवर के सिर पर पानी डालकर उसे होश में लाया गया. इससे पहले भी एंबुलेंस चालक यह मोटी लेयर वाली पीपीई किट पहनने के बाद बेहोश हो चुके हैं.
बेहोश हो गया एंबुलेंस ड्राइवर
मथुरा स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए एंबुलेंस ड्राइवरों को मोटी लेयर वाली पीपीई किट दी है. लेकिन इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एंबुलेंस ड्राइवरों ने कई बार इसकी शिकायत की और इस पीपीई किट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किये लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया.
एंबुलेंस
पीपीई किट पर उठे सवाल
वहीं इस मामले में मथुरा कोरोना टीम के इंचार्ज डॉक्टर भूदेव सिंह का कहना है कि मरीजों को लेकर आ रही एंबुलेंस का चालक गर्मी की वजह से बेहोश हो गया था. पीपीई किट बदलने के लिए उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है.
मोटे पॉलिथीन से बनी है पीपीआई किट
एंबुलेंस के ड्राइवर दया शंकर ने होश में आने के बाद बताया कि वह मरीजों को लेकर जा रहा था गर्मी की वजह से बेहोश हो गया था. यह पीपीई किट मोटे पॉलिथीन से बनी है. इसे पहनकर काम करना बेहद मुश्किल है. पहले भी कई बार शिकायत की गई है.लेकिन अबतक इसका कोई समाधान नहीं निकला है.