महिला कॉन्स्टेबल के खिलाफ जिस मामले की जांच होगी, पहले उसकी कहानी जान लीजिए. दरअसल शुक्रवार रात 10.30 बजे के करीब मंत्री के कई समर्थक बिना मास्क लगाए सड़क पर घूम रहे थे. चूंकि इलाके में कर्फ्यू लगा है तो महिला कॉन्स्टेबल ने उन्हें रोक लिया. उनसे पूछा कि वो कर्फ्यू के दौरान कहां घूम रहे हैं, मास्क क्यों नहीं लगाया है?
इस बात से समर्थक बिदक गए, उन्होंने मंत्री के बेटे को फोन मिला दिया. जिसके बाद मंत्री का लड़का अपने पिता की गाड़ी लेकर समर्थकों के पास पहुंच गया. गाड़ी में पिता का नाम और विधायक पद लिखा था. लेकिन यह महिला पुलिस कर्मी बिना डरे अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए मौके पर डटी रही.
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इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. जिसमें महिला, मंत्री के बेटे से सवाल कर रही है. सुनीता यादव, मंत्री के लड़के से पूछती है कि वो विधायक की गाड़ी लेकर क्यों घूम रहे हैं जबकि गाड़ी में तो विधायक है ही नहीं? हालांकि मंत्री का आरोप है कि महिला कॉन्स्टेबल ने उनके बेटे के साथ बदतमीजी की थी. जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले में जांच बैठा दी है.
सूरत पुलिस के पीआरओ पीएल चौधरी ने कहा कि एक वीडियो संज्ञान में आया है, इस मामले में हमें शिकायत मिली है. हमने जांच बैठा दी है. जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
कर्फ्यू के दौरान बिना मास्क घूम रहे थे मंत्री के समर्थक, रोकने वाली पुलिसकर्मी ने दिया इस्तीफा
बताया जा रहा है कि महिला पुलिस ने पुलिसिया सिस्टम से तंग आकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है. वहीं दूसरी तरफ सूरत के पुलिस कमिश्नर राजेंद्र ब्रह्मभट्ट ने इस मामले की जांच एसीपी सीके पटेल को सौंप दी है.
घटना का वीडियो...