कोरोना ने हजारों जिंदगियां छीन लीं, लेकिन कई परिवारों को ऐसे जख्म दे गया, जिनकी भरपाई होनी मुश्किल है. अहमदाबाद के इस परिवार का दर्द है कि अकेला कमाने वाला कोरोना का शिकार हो गया. अहमदाबाद के इस परिवार में कभी खुशियों का बसेरा था, लेकिन अब यहां आंसुओं का डेरा है. अहमदाबाद के अजमेरा परिवार पर कोरोना काल बन कर आया. निखिल अजमेरा की बेटी यशस्वी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे. अपने पापा की लाडली जब उन्हें याद करती है तो आंसुओं में भीग जाती है. इन आंसुओं की बरसात के बीच भी उसे ध्यान है अपने पापा के वो सपने जो उन्होंने अपनी बेटी के लिए देखे थे. देखें क्या बोली निखिल अजमेरा की बेटी.
The second wave of coronavirus has hit hard. Many people lost their lives to this deadly virus. Coronavirus gave bitter memories to those who lost their loved ones in the pandemic. We have brought you one such story from Ahmedabad.