बिहार का इतिहास समृद्ध है पर वर्तमान की कंगाली उस गौरवशाली अतीत की निर्थकता की कहानी कहती है. बिहार में कोरोना से हालात बिगड़ रहे हैं. केंद्र कहता है कि सभी राज्यों में पीपीई किट भेजे गए हैं. लेकिन कई तस्वीरें सामने ऐसी आई हैं जिसमें स्वास्थ्य कर्मचारी बगैर पूरे प्रोटेक्शन इतनी संक्रामक बिमारी की जांच कर रहे हैं. कोरोना पॉज़िटिव आते ही पेशेंट को बाकि स्वस्थ लोगों से दूर रखना सरकार की ज़िम्मेदारी हो जाती है. ये देश ही नहीं दुनिया का प्रोटोकॉल है. पर बिहार में कोरोना पेशेंट मारे-मारे फिर रहे हैं. पटना के एनएमसीएच की बदहाली की बदसीरत कहानियां हैं, दर्द है, व्यथा है, क्षोभ है. देखिए संवाददाता श्वेता सिंह की ग्राउंड रिपोर्ट में कोविड अस्पतालों की सच्चाई की कई परतें खुल गयी हैं.