ऐसा नहीं है कि किसी को कोरोना के खतरे का अंदाज़ा नहीं है. लेकिन बेफिक्री ऐसी है, जो इस खतरे पर भारी है. जब पहली बार कोरोना की चपेट में पूरा देश आया था, तब इस तरह की स्थिति नहीं थी, कमोबेश सब सावधान थे. लेकिन अब ना तो कोई परवाह दिखती है और ना ही डर दिखता है. जबकि ये बहुत खतरे वाली बात है कि पिछली बार कोरोना के एक मरीज से उसके आसपास के 30 से 40 प्रतिशत लोग संक्रमित होते थे, इस बार एक मरीज से उसके आसपास के 90 प्रतिशत लोग संक्रमित हो रहे हैं. इसी वजह से कोरोना बेतहाशा बढ़ रहा है और सिस्टम भी दम तोड़ रहा है. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.