अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई की टीम तेजी से तहकीकात कर रही है. मगर जांच में कई ऐसे खुलासे भी हो रहे हैं, जो मामले को सुलझाने के बजाय और उलझा रहे हैं. हाल में सुशांत के घर में काम करने वाले नीरज ने जो बयान दिए हैं, वो सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पिठानी से अलग नजर आ रहे हैं. इसी तरह से कमरे के दरवाजे की चाबी बनाने वाला का बयान भी कुछ शक पैदा करता है. आपको बता दें कि सीबीआई की जांच का आज चौथा दिन है और सीबीआई की SIT लगातार गवाहों से पूछताछ कर रही है.
- इस केस के अहम चश्मदीद नीरज का दावा है कि जब सुशांत के कमरे का दरवाजा नहीं खुल पा रहा था, तो उनके दोस्त सिद्धार्थ पिठानी बिल्कुल घबराए हुए नहीं थे, जबकि पिठानी ने अपने बयान में सीबीआई को बताया कि वह बहुत चिंतित था.
- नीरज ने बताया कि जब चाबी बनाने वाले ने सुशांत के कमरे का दरवाजा खोल दिया तो सिद्धार्थ काफी रिलेक्स था और वह चाबी बनाने वाले के चले जाने का आराम से इंतजार कर रहा था. हालांकि सिद्धार्थ का कहना था कि वह चाबी बनाने वाले को वहां से वापस भेजने की जल्दी में था.
- नीरज का दावा है कि जब दीपेश ने कहा कि सुशांत सर कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहे हैं, तो सिद्धार्थ ने बस सुशांत के फोन पर कॉल किया और एक बार दरवाजे पर दस्तक दी. जबकि सिद्धार्थ पिठानी ने दावा किया कि वह बहुत परेशान था और वह लगातार उस दरवाजे पीट रहा था.
- तफ्तीश के दौरान सीबीआई के सामने कई बेमेल और उलझे हुए सवाल हैं. मसलन सुशांत के फ्लैट में सबसे पहले कौन दाखिल हुआ था और उसकी लाश को नीचे कैसे लाया गया?
- नीरज का कहना है कि मरने के बाद सुशांत का चेहरा खिड़की की ओर था, जबकि कुछ दूसरे लोगों ने बताया कि सुशांत का चेहरा अलग दिशा में था. यह एक बड़ी विसंगति है, अब सही तस्वीर तभी सामने आएगी, जब सुशांत की मौत के वक्त वहां मौजूद चारों लोगों का एक साथ सामना होगा और उन सभी से एक साथ पूछताछ होगी.