राजस्थान के अलवर में हुई गैंगरेप की घटना में कोर्ट ने चार आरोपियों को गैंगरेप का दोषी करार दिया है. एक अन्य आरोपी को वीडियो वायरल करने के मामले में आईटी एक्ट के तहत दोषी पाया गया है. गैंगरेप के चारों आरोपियों हंसराज, इंद्राज, अशोक और छोटेलाल को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जबकि, पांचवे आरोपी मुकेश को आईटी एक्ट के तहत पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है.
कोर्ट ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही सात लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. जुर्माने के तौर पर दोषियों को ये रकम लीगल एड में जमा करानी होगी. जिसके बाद यह रकम पीड़िता को सौंप दी जाएगी. बता दें कि ये मामला 2 मई 2019 का है. एक दलित पति-पत्नी अलवर थानागाजी रोड पर मोटरसाइकिल से थानागाजी की ओर जा रहे थे. तभी एक एकांत स्थान पर आरोपियों ने दंपति की मोटरसाइकिल रुकवा दी और पीड़िता को खींच ले गए.
पीड़िता का आरोप है कि 5 दरिंदों ने गैंगरेप किया. इस दौरान बदमाशों ने वीडियो भी बनाए. घटना के दौरान बदमाशों ने पीड़िता के पति को उसके सामने ही बांध रखा था. एक अभियुक्त ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया. इस घटना को लेकर राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार की काफी निंदा हुई थी. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था और इसमें पीड़िता का चेहरा स्पष्ट रूप से नजर आ रहा था.
आरोपियों की तरफ से सजा को कम करने के लिए दी गई दलील में कहा गया कि ये सभी आरोपियों का पहला अपराध था. ऐसे में इन सभी को कम से कम सजा देकर समाज की मुख्य धारा में दोबारा वापस लौटने का मौका दिया जाना चाहिए. आरोपियों के बचाव में वकीलों ने ये भी कहा कि सभी आरोपी कम उम्र के हैं. इनकी उम्र 18 से 25 साल के बीच है, लिहाजा सजा कम से कम दी जाए. लेकिन कोर्ट ने आरोपियों की किसी दलील को स्वीकार नहीं किया और अधिकतम सजा सुनाई.