ADC Kidnapping Case: बिहार के वैशाली के शिक्षा विभाग में एडीसी यानी समन्वयक के पद पर तैनात उदय कुमार उज्जवल के साथ उस रात जो कुछ हुआ, वो उसे पूरी उम्र नहीं भूल पाएंगे. उज्जवल अपनी सरकारी गाड़ी में ड्राइवर के साथ हाजीपुर से पटना लौट रहे थे, इसी बीच 16 और 17 दिसंबर की दरम्यानी रात को कुछ किडनैपर्स ने ना सिर्फ गाड़ी समेत उन्हें अगवा कर लिया, बल्कि मारपीट कर उनसे पांच करोड़ की फिरौती भी मांगते रहे.
पांच करोड़ फिरौती की मांग
उज्जवल का अपहरण करनेवाले बदमाशों ने उनसे कहा कि अगर उन्होंने अभी के अभी पांच करोड़ रुपये का इंतजाम नहीं करवाया, तो वो उनकी जान ले कर लाश की बोटी-बोटी कर फेंक देंगे. और इन हालात में उज्जवल ने ना सिर्फ जान पर खेल कर अपनी जिंदगी बचाई, बल्कि इसके बाद जब मामले की तफ्तीश हुई तो एक ऐसी चौंकाने वाली कहानी सामने आई कि खुद पुलिस भी हैरान रह गई.
बाइक सवार बदमाशों ने रोका था रास्ता
उस रात उदय कुमार उज्जवल जब हाजीपुर से पटना के रास्ते पर थे, तो छपरा में लालू यादव चौक के पास अचानक बाइक पर आए कुछ बदमाशों ने उनकी गाड़ी को बीच रास्ते में ही रोक लिया. उज्जवल और उनके ड्राइवर इससे पहले कि कुछ समझ पाते, किडनैपर जबरदस्ती उनकी गाड़ी के अंदर घुस गए और उन्होंने जहां मारपीट कर उनके ड्राइवर को गाड़ी से नीचे उतार दिया.
गाड़ी समेत उज्जवल का अपहरण
वहीं उज्जवल को गाड़ी समेत अगवा कर अपने साथ ले गए. इसके बाद बदमाश उज्जवल को रात भर हाजीपुर और सोनपुर जिले के अलग-अलग इलाकों में घुमाते रहे. इस दौरान उनके साथ मारपीट भी हुई और उसने एटीएम कार्ड लूट कर रुपये निकालने की कोशिश भी गई. और तो और बदमाशों ने रातों रात पांच करोड़ नहीं देने पर उनकी हत्या करने दी धमकी भी दी.
घरवालों ने दी थी पुलिस को इत्तिला
लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आ गया, जब बदमाशों की ओर से मारपीट कर भगाए गए ड्राइवर ने उज्जवल के घरवालों को खबर दे दी. और घरवालों ने पुलिस को इस घटना की जानकारी दी. अब पुलिस रात को ही उज्जवल की गाड़ी ट्रेस करने की कोशिश करने लगी. इत्तेफाक से उज्जवल को लेकर भाग रहे बदमाशों को इस बात की भनक लग गई और वो दबाव में आ गए.
ऐसे भाग निकले उज्जवल
इस बीच खुद उज्जवल ने गाड़ी का दरवाजा खोल कर नीचे कूदने की कोशिश की. इससे उनकी गाड़ी डिसबैलेंस्ड हो गई और सेंदुआरी इलाके में एक नाले में जा फंसी, जिसके बाद उज्जवल मौका देख कर गाड़ी से कूदे और अंधेरे का फायदा उठा कर बदमाशों चंगुल से निकल भागे, जिन्हें कुछ ही देर में पुलिस ने बरामद भी कर लिया.
वारदात में शामिल था ड्राइवर
लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट तब आया, जब पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया. पुलिस की मानें तो इस मामले में उदय कुमार उज्जवल का वो ड्राइवर भी शामिल था, जिसने गाड़ी से उतारे जाने के बाद उनके घरवालों की खबर दी थी. असल में ये साजिश का हिस्सा था, जिसमें ड्राइवर खुद को बेकसूर दिखाना चाहता था.
मास्टरमाइंड निकला ऑफिस बॉय
लेकिन इस वारदात का असली मास्टरमाइंड निकला उज्जवल के दफ्तर में काम करनेवाला वो ऑफिस बॉय, जो उनके लिए चाय बनाता था. असल में संजीव कुमार नाम का वो लड़का, उज्जवल के ड्राइवर कन्हैया कुमार का चचेरा भाई है और इन्हीं दोनों ने मिल कर ये पूरी साजिश रची थी.
पुलिस की पकड़ में आए आरोपी
फिलहाल, पुलिस ने इस सिलसिले में मास्टरमाइंड संजीव, ड्राइवर कन्हैया समेत चार और बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन दफ्तर में काम करने वाले ऑफिस ब्वॉय ने जिस तरह अपने ही बॉस की किडनैपिंग की साज़िश रची, उस कहानी को सुन कर अब हर कोई हैरान है.