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Bulli Bai विवाद: किसने शुरू की मुस्लिम महिलाओं के अपमान की हरकत? दिल्ली पुलिस ने Twitter से पूछा

Bulli Bai नाम से एक ऐप सामने आया है. ऐप पर मुस्लिम महिलाओं को टारगेट किया जा रहा है. यहां उनके खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है और गंदी बातें लिखी जा रही हैं. दरअसल, Bulli Bai ठीक उसी तरह बनाया गया है जैसे कुछ दिन पहले Sulli Deals बनाया गया था.

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प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • Bulli Bai विवाद में एक्शन में दिल्ली पुलिस
  • ट्विटर से मांगी सबसे पहले ट्वीट करने वाले की जानकारी

Bulli Bai ऐप विवाद में दिल्ली पुलिस एक्शन में आ गई है. दिल्ली पुलिस ने GITHUB Bulli Bai मामले में ट्विटर से कंटेंट हटाने की मांग की है. इतना ही नहीं, दिल्ली पुलिस ने ट्विटर से उस अकाउंट के बारे में जानकारी मांगी है, जिसने सबसे पहले 'बुल्ली बाई' को लेकर ट्वीट किया था. 

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इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने GITHUB से भी बुल्ली बाई बनाने वाले के बारे में जानकारी मांगी है. साथ ही यह केस अब दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की साइबर यूनिट को ट्रांसफर किया जा रहा है. 

पढ़ें: क्या है Bulli Bai ऐप? एक और Sulli deal? मुस्लिम महिलाओं के अपमान पर छिड़ा घमासान

क्या है मामला?

Bulli Bai नाम से एक ऐप सामने आया है. ऐप पर मुस्लिम महिलाओं को टारगेट किया जा रहा है. यहां उनके खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है और गंदी बातें लिखी जा रही हैं. दरअसल, Bulli Bai ठीक उसी तरह बनाया गया है जैसे कुछ दिन पहले Sulli Deals बनाया गया था. Sulli deal को Github पर लॉन्च किया गया था, अब Bulli Bai को भी Github पर लॉन्च किया गया है. 

इस बार, Bulli Bai ऐप पर ट्विटर और फेसबुक पर दमदार मौजूदगी रखने वाली 100 महिलाओं को टारगेट किया जा रहा है. मीडिया समेत दूसरे फील्ड की महिलाओं ने शिकायत की है कि इस घटिया प्लेटफॉर्म पर उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल किया जा रहा है. कई लोगों ने ट्विटर के जरिए इसे लेकर नाराजगी जाहिर की है. एक महिला पत्रकार की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया है. 

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विपक्ष हुआ हमलावर

Bulli Bai ऐप पर मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में राजनीति भी तेज हो गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इसको लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा है. राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए ट्विटर पर लिखा, 'महिलाओं का अपमान और सांप्रदायिक नफ़रत तभी बंद होंगे जब हम सब एक आवाज में इसके खिलाफ खड़े होंगे. साल बदला है, हाल भी बदलो- अब बोलना होगा!' 

उधर, महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया, 'यह शर्मनाक है कि मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ इस तरह की अपमानजनक काम करने वाले अपराधियों को खुली छूट दी जाती है, चाहे वह मुसलमानों के नरसंहार का खुला आह्वान हो या ऑनलाइन मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाना, यह स्पष्ट है कि इन तत्वों को सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण प्राप्त है.'' इसके अलावा ओवैसी ने भी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. 

 

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